What is PRAHAAR: आतंकवाद और साइबर खतरों के बदलते स्वरूप के बीच भारत ने अपनी पहली व्यापक एंटी-टेरर पॉलिसी PRAHAAR जारी कर एक बड़ा रणनीतिक कदम उठाया है। इस नीति का उद्देश्य न केवल पारंपरिक आतंकवादी गतिविधियों पर अंकुश लगाना है, बल्कि क्रॉस बॉर्डर आतंकवाद, साइबर हमलों और क्रिमिनल हैकर्स से उत्पन्न नई चुनौतियों से भी प्रभावी तरीके से निपटना है।
क्या है PRAHAAR?
PRAHAAR एक समग्र सुरक्षा ढांचा है, जिसके तहत सुरक्षा एजेंसियों, खुफिया तंत्र और साइबर सुरक्षा इकाइयों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जाएगा। इसका लक्ष्य खतरे की पहचान से लेकर त्वरित कार्रवाई और दीर्घकालिक रोकथाम तक एक मजबूत तंत्र तैयार करना है।
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पॉलिसी की प्रमुख बातें:
✔️ क्रॉस बॉर्डर आतंकवाद पर सख्त निगरानी और जवाबी रणनीति
✔️ साइबर आतंक और हैकिंग नेटवर्क के खिलाफ विशेष ऑपरेशन
✔️ सुरक्षा एजेंसियों के बीच रियल-टाइम इंटेलिजेंस शेयरिंग
✔️ संवेदनशील इंफ्रास्ट्रक्चर (जैसे बैंकिंग, पावर ग्रिड, कम्युनिकेशन) की सुरक्षा मजबूत करना
✔️ आतंक वित्तपोषण पर कड़ी कार्रवाई
क्यों जरूरी थी यह पॉलिसी?
डिजिटल युग में आतंकवादी संगठन सिर्फ हथियारों से नहीं, बल्कि साइबर हमलों और डेटा चोरी के जरिए भी देशों को निशाना बना रहे हैं। ऐसे में PRAHAAR भविष्य के खतरों को ध्यान में रखकर तैयार की गई एक प्री-एम्प्टिव रणनीति मानी जा रही है।
क्या होगा असर?
विशेषज्ञों का मानना है कि इस नीति से सुरक्षा तंत्र अधिक चुस्त होगा, आतंकी गतिविधियों की शुरुआती चरण में पहचान आसान होगी और राष्ट्रीय सुरक्षा को नई मजबूती मिलेगी।
PRAHAAR केवल एक नीति नहीं, बल्कि बदलते खतरे के परिदृश्य में देश की सुरक्षा सोच का नया अध्याय है — जो पारंपरिक और डिजिटल दोनों मोर्चों पर मजबूत जवाब देने की क्षमता विकसित करता है।
Author: Suryodaya Samachar
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