Mirzapur News :- अहरौरा क्षेत्र में चितविश्राम से नगर के बूढ़ादेई तक जाने वाला मार्ग पिछले पंद्रह वर्षों से जर्जर हालत में पड़ा है। बार-बार मांग और प्रशासनिक स्वीकृति के दावों के बावजूद सड़क का निर्माण आज तक शुरू नहीं हो सका है। यह मार्ग प्रसिद्ध मां भण्डारी देवी धाम तक पहुंचने का मुख्य रास्ता है, साथ ही इसी मार्ग पर विद्यालय, पंचायत भवन, पशु चिकित्सालय, हाइडिल परियोजना और कई बस्तियां स्थित हैं।
आवागमन में भारी दिक्कत
स्थानीय लोगों के अनुसार इस सड़क से प्रतिदिन सैकड़ों ट्रक और हाइवा गुजरते हैं। श्रद्धालुओं और ग्रामीणों का भी लगातार आवागमन बना रहता है। जगह-जगह गहरे गड्ढे होने के कारण वाहन चलाना तो दूर, पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। कई बार मोटरसाइकिल सवार गिरकर घायल हो चुके हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है।
स्वीकृति के बाद भी काम अधर में
ग्रामीणों का कहना है कि मार्ग निर्माण के लिए मुख्य अभियंता (विकास), लोक निर्माण विभाग, लखनऊ से स्वीकृति और धनराशि जारी होने की बात सामने आई थी, लेकिन धरातल पर कोई कार्य नहीं दिखा।
हाल ही में जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार के अहरौरा बांध निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ पत्रकार द्वारा सड़क निर्माण का मुद्दा उठाया गया था। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को जांच कर एस्टीमेट तैयार करने और शीघ्र निर्माण शुरू कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
तकनीकी कारणों का हवाला
विभागीय सूत्रों ने तकनीकी गड़बड़ी का हवाला देते हुए जल्द निर्माण शुरू करने की बात कही, किंतु अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। इससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
सड़क पर उतरे ग्रामीण
क्षेत्र के राकेश मिश्रा, महमूद खां, संतोष चौहान, नीरज, रोहित यादव, राहुल कश्यप, रिंकू मोदनवाल, सुरेश पटेल, बनारसी पटेल, विजय, कोमल सहित अन्य ग्रामीणों ने जर्जर सड़क पर प्रदर्शन कर शासन-प्रशासन से जल्द निर्माण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
ग्रामीणों का सवाल है कि जब स्वीकृति और बजट जारी हो चुका था, तो आखिर निर्माण कार्य क्यों शुरू नहीं हुआ? अब क्षेत्रवासियों की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।
Author: Suryodaya Samachar
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