अष्टभुजा टोल प्लाजा:- [रिपोर्टर तारा त्रिपाठी] उत्तर प्रदेश के मीरजापुर जिले में स्थित अष्टभुजा टोल प्लाजा एक बार फिर सुर्खियों में है। आए दिन यहां हो रहे विवादों ने इसे एक बदनाम टोल प्लाजा बना दिया है। हाल ही में फिर एक घटना सामने आई है, जिसमें टोल कर्मियों द्वारा एक ट्रक ड्राइवर और उसके सहायक (खलासी) की पिटाई की गई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे जनता में आक्रोश देखने को मिल रहा है।
आए दिन हो रही हैं घटनाएं
यह कोई पहली घटना नहीं है जब अष्टभुजा टोल प्लाजा पर मारपीट हुई हो। इससे पहले भी कई बार यहां टोल कर्मियों और वाहन चालकों के बीच झड़प हो चुकी है। स्थानीय लोगों और वाहन चालकों का कहना है कि यहां तैनात टोल कर्मियों का रवैया काफी आक्रामक है। कई बार टोल टैक्स को लेकर विवाद खड़ा होता है, जो हाथापाई तक पहुंच जाता है। ट्रक ड्राइवरों का आरोप है कि उनसे जबरन अधिक शुल्क वसूला जाता है और विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की जाती है।
ताजा घटना का पूरा मामला
सूत्रों के मुताबिक, ताजा घटना में एक ट्रक चालक और उसके खलासी को टोल कर्मियों ने बुरी तरह पीटा। बताया जा रहा है कि यह विवाद टोल शुल्क को लेकर शुरू हुआ था। जब ट्रक चालक ने टोल कर्मियों से सही रसीद देने की मांग की, तो बहस बढ़ गई और देखते ही देखते मारपीट शुरू हो गई। टोल कर्मियों ने ट्रक चालक और उसके खलासी को बेरहमी से पीटा, जिसका वीडियो किसी राहगीर ने बना लिया और सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन पर कार्रवाई करने का दबाव बढ़ गया है।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
अष्टभुजा टोल प्लाजा पर आए दिन हो रही घटनाओं से स्थानीय लोग और वाहन चालक काफी परेशान हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि टोल कर्मियों की मनमानी पर लगाम लगाई जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
एक ट्रक चालक ने बताया, “हम पहले ही लंबी दूरी तय करते हैं, ऊपर से टोल प्लाजा पर ऐसी मारपीट झेलनी पड़ती है। यह नाइंसाफी है। हमें अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता होने लगी है।”
वहीं, एक अन्य स्थानीय व्यक्ति ने कहा, “अगर प्रशासन ने जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया तो हालात और बिगड़ सकते हैं।”
प्रशासन की भूमिका पर सवाल
इस तरह की घटनाओं के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। यह लापरवाही केवल वाहन चालकों के लिए ही नहीं, बल्कि आम जनता के लिए भी चिंता का विषय बन गई है। लोगों का मानना है कि अगर प्रशासन सख्ती दिखाए और दोषी टोल कर्मियों पर कड़ी कार्रवाई करे, तो इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सकती है।
क्या होगा समाधान?
1. कर्मचारियों की जवाबदेही तय हो: टोल प्लाजा पर काम करने वाले कर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिए जाएं कि वे वाहन चालकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करें।
2. सीसीटीवी निगरानी बढ़ाई जाए: टोल प्लाजा पर सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई जाए और उन पर कड़ी निगरानी रखी जाए।
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3. प्रशासनिक हस्तक्षेप: जिला प्रशासन को इस मामले में हस्तक्षेप कर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
4. हेल्पलाइन नंबर जारी हो: यदि किसी वाहन चालक के साथ दुर्व्यवहार होता है, तो वह तुरंत शिकायत दर्ज करा सके।
अष्टभुजा टोल प्लाजा अब एक विवादित स्थान बन चुका है। आए दिन होने वाली मारपीट की घटनाएं वाहन चालकों और स्थानीय लोगों में डर और असंतोष पैदा कर रही हैं। यदि जल्द ही उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। प्रशासन को चाहिए कि वह दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करे और टोल प्लाजा पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करे,ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों।

Author: Suryodaya Samachar
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