Patanjali: पतंजलि आयुर्वेद और बाबा रामदेव एक बार फिर आए विवादों में। हाईकोर्ट में दायर एक याचिका में आरोप लगाया गया है कि उसके हर्बल टूथ पाउडर दिव्य दंत मंजन में मांसाहारी तत्व हैं और इसे शाकाहारी के रूप में गलत तरीके से ब्रांड किया गया।
पतंजलि और बाबा रामदेव को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है
जस्टिस संजीव नरूला ने केंद्र सरकार और पतंजलि की दिव्य फार्मेसी को भी नोटिस जारी किया है , जो इसके उत्पाद बनाती है। मामले की अगली सुनवाई होगी। वकील यतिन शर्मा की ओर से दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि पतंजलि के दिव्य दंत मंजन की पैकेजिंग पर एक विशिष्ट हरा बिंदु है, जो शाकाहारी उत्पादों का प्रतीक है, लेकिन पैकेजिंग पर सामग्री की सूची से स्पष्ट रूप से पता चलता है कि टूथ पाउडर में सीपिया ऑफिसिनेलिस (खारे पानी में रहने वाली कटलफिश) है।
याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि यह गलत ब्रांडिंग है और यहां तक कि रामदेव और अन्य लोग भी उत्पाद को शाकाहारी के रूप में प्रचारित कर रहे हैं। शर्मा ने कहा कि यह ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट का उल्लंघन है।
उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद हाई कोर्ट में पतंजलि आयुर्वेद के उत्पाद “दिव्य दंत मंजन” के खिलाफ एक याचिका दायर की गई है। इस याचिका में दावा किया गया है कि पतंजलि द्वारा निर्मित दंत मंजन में नमक नहीं बल्कि कुछ हानिकारक तत्व हो सकते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं। याचिकाकर्ता ने इस उत्पाद की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं और यह भी कहा है कि इसका उपयोग लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डाल सकता है।
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इस मामले में याचिकाकर्ता ने उच्च न्यायालय से मांग की है कि वह इस उत्पाद की जांच कराए और यह सुनिश्चित करे कि यह स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित है या नहीं। याचिका में कहा गया है कि अगर यह मंजन हानिकारक पाया जाता है तो इसके उत्पादन और बिक्री पर रोक लगाई जानी चाहिए।
Author: Suryodaya Samachar
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