Varanasi news :– [रिपोर्टर सुजीत सिंह] वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) ने उपाध्यक्ष महोदय द्वारा प्रदत्त निर्देशों के तहत वाराणसी शहर में अवैध निर्माणों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही करते हुए दो स्थानों पर निर्माण कार्यों को सील करने का कदम उठाया है। वाराणसी जोन-4 की प्रवर्तन टीम द्वारा भेलूपुर क्षेत्र में अवैध निर्माण गतिविधियों की जांच के बाद ये कार्यवाही की गई है, जो नगर नियोजन और विकास अधिनियम-1973 के तहत हुई है।
कार्यवाही का विवरण
आज दिनांक 05 नवम्बर 2024 को वार्ड-भेलूपुर के अंतर्गत रविंद्र पुरी इलाके में अस्सी नाले के समीप दो स्थानों पर अवैध निर्माण कार्य पाए गए। पहले मामले में, उषा देवी, पत्नी श्री शिव प्रसाद मौर्य द्वारा बिना मानचित्र स्वीकृत कराए एक अनाधिकृत निर्माण कार्य किया जा रहा था। इसी प्रकार दूसरे मामले में, राजीव अग्रवाल द्वारा फिदका रेस्टोरेंट के बगल में भी बिना किसी अधिकृत मानचित्र के निर्माण किया जा रहा था।
नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम-1973 की धारा-27, 28 (i) और 28 (ii) के अंतर्गत इन अवैध निर्माणों के लिए पहले से नोटिस जारी किए गए थे। हालांकि, संबंधित निर्माणकर्ताओं द्वारा इन नोटिसों का अनुपालन नहीं किया गया और निर्माण कार्य जारी रखा गया, जिसके परिणामस्वरूप वाराणसी विकास प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम को मजबूरन सील की कार्रवाई करनी पड़ी।
प्रवर्तन टीम की भूमिका
वाराणसी विकास प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम में जोनल अधिकारी श्री प्रमोद तिवारी और अवर अभियंता श्री राकेश कुमार सिंह प्रमुख रूप से मौजूद रहे। इन अधिकारियों ने निर्माण स्थलों का निरीक्षण किया और अनाधिकृत निर्माणों को सील कर दिया। इसके पश्चात, इन निर्माण स्थलों को थाना भेलूपुर की निगरानी में सौंप दिया गया, ताकि सील की स्थिति को बनाए रखा जा सके और अवैध कार्यों को आगे न बढ़ाया जा सके।
उपाध्यक्ष महोदय का संदेश और अपील
इस कार्यवाही के बाद वाराणसी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष महोदय ने आम जनमानस से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य शुरू करने से पूर्व प्राधिकरण से आवश्यक मानचित्र स्वीकृत अवश्य कराएं। यह प्राधिकरण का कर्तव्य है कि वह वाराणसी शहर में योजनाबद्ध और सुव्यवस्थित विकास को सुनिश्चित करे, और इसके लिए नागरिकों का सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है। उपाध्यक्ष महोदय ने यह भी चेतावनी दी है कि बिना स्वीकृति के कोई भी निर्माण पाया गया तो प्राधिकरण द्वारा उस पर सख्त कार्यवाही की जाएगी।
उन्होंने बताया कि वाराणसी जैसे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध शहर में अनाधिकृत निर्माण केवल नियमों का उल्लंघन नहीं है, बल्कि इससे शहरी योजना पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। अवैध निर्माण से शहर की सुंदरता, सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं पर प्रतिकूल असर पड़ता है। इस कारण प्राधिकरण को इन अनधिकृत निर्माणों को रोकने के लिए कठोर कदम उठाने की आवश्यकता पड़ती है।
विकास प्राधिकरण की भूमिका और जिम्मेदारी
वाराणसी विकास प्राधिकरण का उद्देश्य शहर का विकास सुचारू और सुरक्षित ढंग से करना है। शहर में भवनों का निर्माण एक तय योजना और मानचित्र स्वीकृति के आधार पर ही होना चाहिए, ताकि अनियमितताओं से बचा जा सके और शहर में बुनियादी ढांचे का समुचित विकास सुनिश्चित हो। इसके लिए प्राधिकरण समय-समय पर अपने नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ कार्यवाही करता है और इसके माध्यम से लोगों को जागरूक करने का प्रयास करता है कि वे नियमों का पालन करें।
अवैध निर्माण पर नियंत्रण क्यों आवश्यक है?
अवैध निर्माण न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि इससे शहर में जल निकासी, ट्रैफिक व्यवस्था और अन्य सुविधाओं पर अत्यधिक दबाव पड़ता है। बिना मानचित्र स्वीकृति के होने वाले निर्माणों से शहर की स्थिरता और संरचना पर गंभीर खतरे उत्पन्न होते हैं। वाराणसी जैसे ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले शहर में यह और भी आवश्यक है कि सभी निर्माण योजनाबद्ध तरीके से और स्वीकृत मानचित्रों के अनुसार ही किए जाएं।
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अवैध निर्माणों पर निगरानी और भविष्य की योजना
वाराणसी विकास प्राधिकरण नियमित रूप से अवैध निर्माणों पर नजर बनाए रखता है और इन गतिविधियों को रोकने के लिए कार्यवाही करता रहता है। इसके लिए नागरिकों के सहयोग की भी आवश्यकता है ताकि शहर का विकास सही दिशा में हो सके। प्राधिकरण द्वारा निगरानी में सुधार लाने के लिए क्षेत्रीय निरीक्षण टीमों को नियमित रूप से तैनात किया गया है जो किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना त्वरित रूप से उच्च अधिकारियों को देती हैं जिससे समय रहते उचित कार्यवाही की जा सके।
वाराणसी विकास प्राधिकरण द्वारा की गई इस सख्त कार्यवाही से यह स्पष्ट संदेश जाता है कि शहर के विकास के प्रति कोई भी ढीलापन स्वीकार्य नहीं है। प्राधिकरण का यह कदम अन्य निर्माणकर्ताओं के लिए भी चेतावनी है कि वे किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य को मानचित्र स्वीकृति के बिना न करें। साथ ही, प्राधिकरण सभी निवासियों से सहयोग की अपेक्षा करता है ताकि वाराणसी का विकास सुनियोजित ढंग से हो और सभी को एक सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित नगर का अनुभव मिल सके।

Author: Suryodaya Samachar
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