Varanasi news :- [रिपोर्टर सुजीत सिंह] काशी में कल-कल बहतीं उत्तरवाहिनी मां गंगा का तट देव दीपावली पर गंगाजल संरक्षण के गगनभेदी उद्घोष से गूंज उठा। सनातन वैभव को दैदीप्यमान कर संपूर्ण विश्व को आलोकित करने वाले कार्तिक पूर्णिमा के पावन पर्व पर नमामि गंगे ने प्राचीन दशाश्वमेध घाट पर हजारों श्रद्धालुओं को गंगा स्वच्छता के प्रति जागरुक करते हुए जनमानस के साथ राष्ट्रध्वज लेकर राष्ट्रीय नदी गंगा की आरती उतारी।
नमामि गंगे के स्वयंसेवी सदस्यों ने देव दीपावली पर गंगा में उतरती आस्था की सीढ़ियों पर बिखरी गंदगी कर रही सामग्रियों को बटोर कर कूड़ेदान तक पहुंचाया। सनातन की ज्योति स्वरूप मां गंगा में गंदगी न करने का ध्वनि विस्तारक यंत्र से निवेदन किया गया। नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक व नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला ने बताया कि देव दीपावली का पर्व जल संरक्षण की महत्ता को बतलाता है।
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मां गंगा भारतवर्ष के लिए जीवन प्रदायिनी है। रोजाना करोड़ों लोगों की आजीविका गंगा पर आश्रित है। पूरे उत्तर भारत का पर्यटन गंगा पर केंद्रित है। गंगा की वजह से ही हम सात समुंदर पार तक को आकर्षित करने वाले देव दीपावली का आयोजन कर पाते हैं। भारत वासियों को गंगा के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए स्वच्छता बनाए रखना बहुत जरूरी है।
आयोजन में प्रमुख रूप से नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक व नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला, महानगर सहसंयोजक सारिका गुप्ता, सुब्रजीत सेनगुप्ता ,सुमित मिश्रा, सुमन शर्मा व बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

Author: Suryodaya Samachar
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