मिर्जापुर: वरिष्ठ संपादक एवं सोशल एक्टिविस्ट राजीव कुमार ओझा ने राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मूर्मू को प्रेषित ज्ञापन मे देश के सुविख्यात श्रमिक नेता ,आल इंडिया रेलवे मेन्स फेडरेशन के महासचिव श्री शिवगोपाल मिश्रा को पद्म सम्मान से सम्मानित करने की अपील की है।
शिवगोपाल मिश्रा थे निष्काम कर्म योगी…
श्री ओझा ने कहा है अपना पूरा जीवन देश की सबसे बड़ी संस्था भारतीय रेल के श्रमिकों के आधिकारों के लिए संघर्ष और श्रमिकों के कल्याण के लिए होम किया है। श्रमिक हित और कल्याण के क्षेत्र मे श्री शिवगोपाल मिश्रा की निष्काम कर्मयोगी की तरह योगदान का मूल्यांकन कर उनको पद्म सम्मान से सम्मानित किया जाना चाहिए। ओझा ने कहा कि श्रमिक हित और कल्याण के क्षेत्र में शिवगोपाल मिश्रा द्वारा किए गए उल्लेखनीय कार्यों का सही मूल्यांकन करते हुए उन्हें पद्म सम्मान से सम्मानित किया जाना चाहिए। यह सम्मान न केवल उनके व्यक्तिगत योगदान का, बल्कि श्रमिकों के कल्याण के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता का भी प्रतीक होगा। शिवगोपाल मिश्रा को मिले पद्म सम्मान पर प्रसिद्ध विचारक और लेखक राजीव कुमार ओझा ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा, “शिवगोपाल मिश्रा को पद्म सम्मान मिलना एक महत्वपूर्ण क्षण है, जो उनके दशकों के समर्पण और श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए किए गए संघर्ष को मान्यता देता है। यह सम्मान न केवल उनके व्यक्तिगत योगदान का प्रतीक है, बल्कि उन लाखों श्रमिकों की आवाज़ का भी सम्मान है, जिनके हक के लिए मिश्रा ने जीवनभर संघर्ष किया।”
शिवगोपाल मिश्रा की जीवनी और योगदान..
शिवगोपाल मिश्रा भारतीय रेलवे मजदूर संघ के अध्यक्ष और राष्ट्रीय स्तर पर श्रमिक संगठनों का नेतृत्व करने वाले प्रमुख चेहरों में से एक हैं। उन्होंने विभिन्न श्रमिक आंदोलनों में अग्रणी भूमिका निभाई और मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए सरकारों से संवाद स्थापित किया। उनका प्रभाव रेलवे कर्मचारियों के साथ-साथ अन्य श्रमिक वर्गों में भी व्यापक रहा है।
मिश्रा ने हमेशा यह सुनिश्चित किया कि श्रमिकों को उचित वेतन, सामाजिक सुरक्षा, और कार्यस्थल पर सम्मान मिले। उन्होंने श्रमिकों के उत्थान के लिए कई अहम कदम उठाए, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार हुआ।
राजीव कुमार ओझा द्वारा प्रशंसा
राजीव कुमार ओझा, एक प्रमुख विचारक और लेखक, ने शिवगोपाल मिश्रा इस सम्मान पर हर्ष व्यक्त किया और इसे श्रमिकों की जीत के रूप में देखा। उनके अनुसार, मिश्रा जैसे नेताओं का सम्मान इस बात का प्रतीक है कि समाज में उन लोगों का भी योगदान पहचाना जा रहा है जो निस्वार्थ भाव से श्रमिकों और समाज के हाशिए पर खड़े लोगों के कल्याण के लिए काम कर रहे हैं।
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Author: Suryodaya Samachar
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