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Sheetla Ashtami 2026 : माता शीतला की पूजा से दूर होते हैं रोग, जानें पूजा का महत्व और परंपरा

Sheetla Ashtami 2026 :- हिंदू धर्म में शीतला अष्टमी का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। यह पर्व हर साल होली के कुछ दिनों बाद मनाया जाता है और इस दिन श्रद्धालु माता शीतला की पूजा-अर्चना करते हैं। मान्यता है कि माता शीतला की पूजा करने से घर-परिवार में सुख-समृद्धि आती है और बीमारियों से रक्षा होती है।

इस दिन लोग सुबह जल्दी उठकर मंदिरों में माता शीतला की पूजा करते हैं और परिवार की खुशहाली के लिए प्रार्थना करते हैं। शीतला अष्टमी को कई जगह “बसोड़ा” भी कहा जाता है, क्योंकि इस दिन लोग एक दिन पहले बना हुआ ठंडा भोजन माता को भोग लगाकर ग्रहण करते हैं।

🌼 क्यों खास है शीतला अष्टमी

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार माता शीतला को रोगों की देवी माना जाता है। पुराने समय में चेचक और अन्य बीमारियों से बचाव के लिए लोग माता शीतला की विशेष पूजा करते थे। इसलिए इस दिन घरों में चूल्हा नहीं जलाया जाता और एक दिन पहले बना भोजन ही खाया जाता है।

🪔 पूजा की परंपरा

शीतला अष्टमी के दिन भक्त माता को ठंडा भोजन, हलवा, पूड़ी, दही और गुड़ का भोग लगाते हैं। इसके बाद परिवार के लोग वही प्रसाद ग्रहण करते हैं। कई स्थानों पर महिलाएं व्रत रखकर बच्चों और परिवार की लंबी उम्र की कामना करती हैं।

देश के कई हिस्सों में मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन का आयोजन भी किया जाता है, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता शीतला के दर्शन करने पहुंचते हैं।

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Author: Suryodaya Samachar

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