IBM share price :- Anthropic के ब्लॉग के बाद बाजार में घबराहट, 2000 के बाद सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट
टेक दिग्गज IBM के शेयरों में मंगलवार को 13% से अधिक की भारी गिरावट दर्ज की गई। यह अक्टूबर 2000 के बाद कंपनी के स्टॉक की सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट मानी जा रही है। गिरावट की वजह बनी एआई स्टार्टअप Anthropic की एक ब्लॉग पोस्ट, जिसमें उसके AI मॉडल “Claude” की COBOL कोड को आधुनिक बनाने की क्षमता का दावा किया गया।
Claude का दावा: वर्षों का काम अब महीनों में
Anthropic ने अपने ब्लॉग में कहा कि उसका AI मॉडल Claude पुराने COBOL कोडबेस को “सालों की बजाय कुछ क्वार्टर में” आधुनिक बना सकता है। कंपनी ने यह भी रेखांकित किया कि COBOL जानने वाले प्रोग्रामर्स की संख्या घट रही है, जिससे कंपनियों के लिए पुराने सिस्टम को बनाए रखना मुश्किल होता जा रहा है।
COBOL क्यों है अब भी अहम?
COBOL (Common Business-Oriented Language) की शुरुआत 1959 में हुई थी, लेकिन आज भी यह कई महत्वपूर्ण सिस्टम्स में इस्तेमाल हो रही है।
खासकर IBM के मेनफ्रेम कंप्यूटर
अमेरिका में लगभग 95% ATM ट्रांजैक्शन COBOL आधारित सिस्टम पर चलते हैं
यही वजह है कि इस भाषा का आधुनिकीकरण IBM के बिजनेस मॉडल से सीधे जुड़ा हुआ है।
निवेशकों की प्रतिक्रिया: “AI ने फिर मचाया तूफान”
Anthropic के दावे के बाद निवेशकों में घबराहट फैल गई। बाजार को लगा कि अगर AI वाकई बड़े पैमाने पर COBOL मॉडर्नाइजेशन कर सकता है, तो IBM की पारंपरिक सर्विसेज और टूल्स के बिजनेस पर असर पड़ सकता है।
हालांकि IBM लंबे समय से अपने ग्राहकों को COBOL मॉडर्नाइजेशन के लिए AI-आधारित टूल्स और सेवाएं प्रदान कर रहा है, लेकिन बाजार की भावना तेजी से बदली और स्टॉक में तेज बिकवाली देखने को मिली।
व्यापक AI परिदृश्य: एजेंट्स और नई साझेदारियां
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि AI एजेंट्स को लेकर टेक इंडस्ट्री में भारी उत्साह है। इसी संदर्भ में OpenAI ने हाल ही में Boston Consulting Group, McKinsey & Co., Accenture और Capgemini जैसी कंसल्टिंग कंपनियों के साथ साझेदारी की घोषणा की है।
इन साझेदारियों के तहत “Frontier” प्लेटफॉर्म के जरिए कंपनियां AI एजेंट्स को डिजाइन, डिप्लॉय और मैनेज कर सकेंगी। कंसल्टिंग फर्म्स क्लाइंट्स को वर्कफ्लो री-डिजाइन, सिस्टम इंटीग्रेशन और चेंज मैनेजमेंट में मदद करेंगी।
क्या वाकई खतरे में है IBM?
विशेषज्ञों का मानना है कि AI एजेंट्स में संभावनाएं तो बहुत हैं, लेकिन उन्हें अभी भी गहन निगरानी की जरूरत होती है। कुछ विश्लेषकों ने इसे “टॉडलर की देखभाल” जैसा बताया—मतलब पूरी तरह स्वायत्त नहीं।
फिलहाल यह साफ है कि AI के नए दावों ने बाजार की धारणा को झकझोर दिया है और IBM के शेयरों में आई गिरावट इसका ताजा उदाहरण है। आगे यह देखना होगा कि क्या Claude का दावा व्यावसायिक स्तर पर उतना ही प्रभावी साबित होता है जितना प्रचारित किया गया है।
Author: Suryodaya Samachar
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