Greater Noida News: सुपरटेक के अधूरे पड़े प्रोजेक्टों को पूरा करने के लिए एनबीसीसी ने एनसीएलएटी के आदेश पर अपना प्रस्ताव बनाकर दे दिया। कंपनी ने तीन फेज में इन प्रोजेक्टों को पूरा करने की बात कही है। उधर, सुपरटेक मामले पर नियुक्त आईआरपी ने एनबीसीसी के प्रस्ताव पर आपत्ति जताई है। उसका कहना है कि फेज वार प्रोजेक्ट पूरा करने से आवंटियों का इंतजार लंबा हो जाएगा। अब इस मामले में 12 सितंबर को एनसीएलएटी में सुनवाई होगी।
सुपरटेक के अधूरे प्रोजेक्ट नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम, मेरठ और उत्तराखंड में हैं। एनसीएलएटी ने फ्लैट आवंटियों की मांग पर एनबीसीसी से पूछा था कि वह ग्रुप के कौन कौन से प्रोजेक्टों को पूरा करने के इच्छुक हैं। इन प्रोजेक्टों को कैसे पूरा करेंगे। एनबीसीसी ने अपनी रिपोर्ट छह सितंबर की देर शाम एनसीएलएटी में जमा कर दी है। इसमें उन्होंने प्रोजेक्टों के नाम देते हुए तीन फेज में काम करने की बात कही है। हालांकि, उनके इस प्रस्ताव को लेकर सुपरटेक पर नियुक्त आईआरपी को आपत्ति है। आईआरपी हितेश गोयल ने हिन्दुस्तान से बातचीत में कहा कि एनबीसीसी के प्रस्ताव के अनुसार वह तीन फेज में काम करेंगे। पहले फेज में सात प्रोजेक्टों को करेंगे। इसके बाद दूसरे फेज का काम पूरा करेंगे। इसके बाद तीसरे फेज के संबंध में निर्णय होगा। एनबीसीसी के प्रस्ताव पर वह सहमत नहीं हैं। इसको लेकर वह अपनी रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं। इसे 12 सितंबर को होने वाली सुनवाई से पहले कोर्ट में दाखिल कर दिया जाएगा।
प्रस्ताव से आवंटियों का इंतजार बढ़ेगा: आईआरपी हितेश गोयल
आईआरपी हितेश गोयल ने कहा कि फेज वार काम होने से दूसरे और तीसरे फेज के आवंटियों का इंतजार काफी लंबा हो जाएगा। उनका प्रयास है कि सभी आवंटियों को शीघ्र से शीघ्र उनके घर मिल सकें। उनकी एनसीएलएटी में मांग रहेगी कि एनबीसीसी के अलावा अन्य प्रस्ताव भी कोर्ट में दिए गए हैं, उन पर भी विचार किया जाए। यह प्रस्ताव प्रोजेक्ट वार हैं और उन्हें पूरा करने का प्लान भी है।
दो साल में घर उपलब्ध कराने की योजनाः चेयरमैन
सुपरटेक ग्रुप के चेयरमैन आरके अरोड़ा ने कहा कि अगले दो सालों में वह 18 प्रोजेक्टों में बीस हजार लोगों को घर उपलब्ध कराने की तैयारी में जुटे हैं। उनका प्रयास है कि सितंबर में वह आठ प्रोजेक्टों का और नवंबर माह में सभी 18 प्रोजेक्टों का काम शुरू कर दें। जल्द से जल्द सभी लोगों को उनका घर उपलब्ध कराया जाए। इसके लिए एनबीसीसी के अलावा सात अन्य कंपनियों के भी प्रस्ताव तैयार हैं। उनका प्रयास रहेगा कि वह अगले दो सालों में सभी लोगों को उनका घर उपलब्ध करा सकें ।
(Greater Noida)किस फेज में कौन से प्रोजेक्ट
■ पहले फेज में नोएडा की रोमानो, केपटाउन, इकोसिटी और ग्रेटर नोएडा की इकोविलेज-दो, सीजार, इकोविलेज-तीन, स्पोर्ट्स विलेज समेत सात प्रोजेक्टों को शामिल किया गया है।
■ दूसरे फेज में नोएडा की नार्थआई, ग्रेटर नोएडा की अपकंट्री, इकोविलेज-एक और मेरठ की मेरठ स्पोर्ट्स सिटी, ग्रीन विलेज मेरठ को शामिल किया गया है।
■ तीसरे फेज में गुरुग्राम की हलटाउन, अराविले, उत्तराखंड की रिवरक्रस्ट, दून स्क्वायर और बैंगलौर की मिकासा को शामिल किया है।
सुपरटेक के अधूरे पड़े प्रोजेक्टों को पूरा करने के लिए एनबीसीसी (नेशनल बिल्डिंग्स कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन) ने एनसीएलएटी (नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल) के आदेश के बाद अपना प्रस्ताव तैयार कर दिया है। यह कदम उन घर खरीदारों के लिए महत्वपूर्ण है जिन्होंने सुपरटेक के विभिन्न प्रोजेक्ट्स में निवेश किया था और लंबे समय से अपने घरों का इंतजार कर रहे थे।
सुपरटेक कंपनी दिवालिया होने की प्रक्रिया में है, और एनसीएलएटी ने एनबीसीसी को इन अधूरे प्रोजेक्ट्स को पूरा करने के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। एनबीसीसी के इस प्रस्ताव में निर्माण कार्य को फिर से शुरू करने, परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करने, और घर खरीदारों को समय पर कब्जा दिलाने के लिए विस्तृत योजना शामिल है।
यह कदम सुपरटेक के हजारों घर खरीदारों के लिए एक राहत की खबर है, क्योंकि वे वर्षों से अपने घरों के लिए संघर्ष कर रहे थे। एनबीसीसी, जो सरकारी स्वामित्व वाली कंपनी है, को इस प्रकार के अधूरे प्रोजेक्ट्स को पूरा करने का अनुभव है, और उम्मीद की जा रही है कि यह परियोजनाएं जल्द ही पूरी होंगी।

Author: Suryodaya Samachar
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