बसंत पंचमी 2025 :- [Reporter Ajay Kumar Gupta] वाराणसी, आराजी लाइन: वाराणसी के आराजी लाइन विकास खंड के ग्राम पंचायत असवारी में रविवार को मां सरस्वती की प्रतिमा स्थापित की गई, जिससे पूरे गांव में भक्तिमय वातावरण बन गया। ज्ञान, विद्या और संगीत की देवी मां सरस्वती की इस भव्य स्थापना के अवसर पर ग्रामीणों ने श्रद्धा भाव से पूजा-अर्चना की और सुख-समृद्धि की कामना की।
बसंत पंचमी 2025 : भक्तिमय माहौल में हुई प्रतिमा की स्थापना
असवारी ग्राम पंचायत में डीह बाबा मंदिर के समीप सरस्वती पूजा आयोजन बाल समिति के तत्वावधान में इस वर्ष भी भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान मंत्रोच्चार और भक्ति गीतों के साथ मां सरस्वती की प्रतिमा को विधिवत पंडाल में स्थापित किया गया। श्रद्धालुओं ने नारियल, पुष्प, धूप-दीप और मिष्ठान अर्पित कर मां सरस्वती की आराधना की।
पूजा समिति के अध्यक्ष कमलेश पटेल ने बताया कि यह आयोजन हर वर्ष बड़े धूमधाम से किया जाता है, जिसमें ग्रामीणों की सहभागिता सराहनीय होती है। आयोजन में समाजसेवी ओमप्रकाश पटेल, अमन पटेल, ओमप्रकाश वर्मा, अवधेश यादव सहित अन्य गणमान्य लोगों का विशेष योगदान रहा।
बसंत पंचमी 2025 : भव्य भंडारे का आयोजन
मां सरस्वती की प्रतिमा स्थापना के उपरांत एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें गांव और आसपास के सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। भंडारे में खिचड़ी, पूड़ी-सब्जी और हलवे का प्रसाद वितरित किया गया। आयोजन समिति के सदस्य अजय कुमार गुप्ता, जो भारतीय जनता पार्टी के बूथ अध्यक्ष भी हैं, ने बताया कि यह कार्यक्रम न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक समरसता को भी मजबूत करता है।
बसंत पंचमी 2025 : युवाओं की सक्रिय भागीदारी
इस कार्यक्रम में युवाओं ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया। गांव के युवा वर्ग ने पंडाल सजावट, पूजा व्यवस्था, प्रसाद वितरण और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में विशेष भूमिका निभाई। विशेष रूप से इस बार पूजा पंडाल को रंगीन झालरों, दीपों और फूलों से आकर्षक रूप में सजाया गया था।
बसंत पंचमी 2025 : सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने मोहा मन
रविवार शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें भजन-कीर्तन, नृत्य और कविताएं प्रस्तुत की गईं। बच्चों ने मां सरस्वती के गुणगान से जुड़े भजन प्रस्तुत किए, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो गया।
बसंत पंचमी 2025 : गांव में उत्सव जैसा माहौल
पूरे असवारी गांव में सरस्वती पूजा को लेकर उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने मां सरस्वती से ज्ञान, बुद्धि और विवेक प्रदान करने की प्रार्थना की। इस दौरान महिलाओं और बुजुर्गों ने भी विशेष रूप से भागीदारी निभाई।
Read this news also :- Magh Gupt Navratri 2025:- गुप्त नवरात्रि पर इन गलतियों से बचें, वरना बढ़ सकती हैं परेशानियां!
पूजा आयोजन समिति के सदस्य राजातालाब के अजय कुमार गुप्ता ने बताया कि यह आयोजन केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह कार्यक्रम बच्चों और युवाओं को भारतीय संस्कृति और संस्कारों से जोड़ने का कार्य करता है।
बसंत पंचमी 2025 : अंतिम दिन होगी प्रतिमा विसर्जन यात्रा
पूजा के अंतिम दिन मां सरस्वती की विसर्जन यात्रा निकाली जाएगी, जिसमें पूरे गांव के लोग सम्मिलित होंगे। डीजे, ढोल-नगाड़ों और भक्तिमय गीतों के साथ यह यात्रा पूरे क्षेत्र में आकर्षण का केंद्र बनेगी।
बसंत पंचमी 2025 : निष्कर्ष
असवारी में मां सरस्वती की प्रतिमा स्थापना और पूजा का यह कार्यक्रम ग्रामीणों के लिए श्रद्धा और भक्ति का अवसर लेकर आया। न केवल धार्मिक बल्कि सामाजिक समरसता का यह संगम गांव में आपसी प्रेम और सहयोग को भी बढ़ावा देता है। श्रद्धालु अब विसर्जन यात्रा का इंतजार कर रहे हैं, जो पूरे आयोजन का अंतिम और भव्य चरण होगा।

Author: Suryodaya Samachar
खबर से पहले आप तक



