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Dana Cyclone:- पश्चिम बंगाल में चक्रवात दाना का प्रभाव: राहत कार्य, कृषि नुकसान, और पर्यावरण संरक्षण के उपाय…

Dana Cyclone:- पश्चिम बंगाल में हाल ही में आए चक्रवात “दाना” के कारण भारी नुकसान हुआ है, जिसमें बाढ़, जलभराव, और मानवीय नुकसान का सामना करना पड़ा। इस चक्रवात के प्रभाव से राज्य के कई निचले इलाकों में बाढ़ आ गई, जिससे करीब 2.16 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना पड़ा। चक्रवात से उत्पन्न बाढ़ और जलभराव के कारण दो लोगों की मौत हुई है, जिसमें एक व्यक्ति की मौत दक्षिण 24 परगना जिले के पाथरप्रतिमा ब्लॉक में हुई और दूसरी मौत कोलकाता के भवानीपुर इलाके में हुई, जहां एक युवक बिजली के खुले तार के संपर्क में आने से हादसे का शिकार हो गया।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आपदा प्रबंधन की स्थिति को प्राथमिकता दी और हालात पर करीबी नजर रखने के लिए राज्य सचिवालय में पूरी रात गुजारी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे प्रभावित लोगों तक तत्काल राहत सामग्री पहुंचाएं। इसके साथ ही, चक्रवात दाना के कारण कृषि और अन्य क्षेत्रों में हुए नुकसान के आकलन के लिए विशेष निर्देश जारी किए गए हैं।

चक्रवात “दाना” का प्रभाव और प्रशासनिक कार्रवाई

चक्रवात के कारण हुई मौतों में एक मामला दक्षिण 24 परगना का है, जहां एक व्यक्ति, जो अपने घर की केबल लगा रहा था, उसकी बिजली के झटके से मृत्यु हो गई। दूसरी घटना में भवानीपुर का एक भुजिया विक्रेता बिजली के खुले तार के संपर्क में आ गया, जिससे उसकी जान चली गई। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं और राज्य सरकार की ओर से आर्थिक मदद का वादा भी किया।

प्रभावित क्षेत्रों में जलभराव और बाढ़ की समस्या को देखते हुए एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल) और एसडीआरएफ (राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल) की टीमें तैनात की गई हैं। बनर्जी ने इन टीमों को 48 घंटे तक क्षेत्र में बने रहने के निर्देश दिए हैं ताकि प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य सुचारू रूप से चल सके। प्रभावित इलाकों में जलमग्नता और बाढ़ से निपटने के लिए राहत शिविर स्थापित किए गए हैं, और जरूरतमंद लोगों को खाद्य सामग्री, दवाइयां और अन्य आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

कृषि क्षेत्र पर प्रभाव और राहत उपाय : Dana Cyclone

चक्रवात दाना ने राज्य के कृषि क्षेत्र पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाला है। कृषि विभाग ने इससे पहले भी राज्य में बाढ़ के कारण हुए नुकसान का आकलन किया था, और अब चक्रवात से प्रभावित खेतों का एक और सर्वेक्षण किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि प्रभावित किसानों के लिए फसल बीमा दावों को सुगम बनाने के लिए क्षतिग्रस्त कृषि भूमि की सूची बनाई जाए। किसानों को राहत देने के उद्देश्य से फसल बीमा आवेदन की समय सीमा भी बढ़ाकर 30 नवंबर कर दी गई है।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विशेष रूप से किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता देने की बात कही है। राज्य सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि फसल बीमा के माध्यम से प्रभावित किसानों को सहायता मिले और उन्हें समय पर मुआवजा प्राप्त हो सके।

स्वास्थ्य विभाग की तैयारी और रोग नियंत्रण : Dana Cyclone

बाढ़ और चक्रवात के बाद के हालात में संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसे देखते हुए राज्य सरकार ने स्वास्थ्य विभाग को विशेष निर्देश दिए हैं कि वे डेंगू, मलेरिया और डायरिया जैसी बीमारियों पर कड़ी नजर रखें। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से सांप के काटने के मामलों के लिए एंटी-वेनम सहित अन्य दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया। जलस्तर कम होने तक राहत शिविर जारी रहेंगे और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के प्रयास किए जाएंगे।

पर्यावरण संरक्षण और सुंदरबन क्षेत्र की सुरक्षा

चक्रवात दाना के कारण हुए मिट्टी के कटाव और पर्यावरणीय नुकसान की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने अतिरिक्त मैंग्रोव वृक्षारोपण का निर्णय लिया है। राज्य सरकार की योजना इस वर्ष 15 करोड़ मैंग्रोव के पौधे लगाने की है, जिससे सुंदरबन क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। मुख्यमंत्री बनर्जी का मानना है कि मैंग्रोव वनस्पतियों की मदद से मिट्टी का कटाव कम किया जा सकता है और चक्रवातों के प्रभाव को भी नियंत्रित किया जा सकता है।

सुंदरबन क्षेत्र में मिट्टी के कटाव और बढ़ते समुद्री जलस्तर को रोकने के लिए “सुंदरबन मास्टर प्लान” की पुनर्विचार की योजना भी बनाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने नीति आयोग को पत्र लिखकर इस योजना को फिर से सक्रिय करने का प्रस्ताव रखा है ताकि सुंदरबन की जैवविविधता और पारिस्थितिकी का संरक्षण किया जा सके।

राज्य और केंद्र सरकार के बीच सहयोग

हालांकि ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार से बाढ़ और चक्रवात के दौरान पूर्ण समर्थन न मिलने की शिकायत की है, फिर भी हाल ही में केंद्र ने पश्चिम बंगाल को बाढ़ राहत और आपदा प्रबंधन के लिए एनडीआरएफ से अग्रिम 468 करोड़ रुपये जारी किए हैं। केंद्र सरकार ने आपदा प्रबंधन के मद्देनजर कुल 5,858.6 करोड़ रुपये की राशि 14 राज्यों को आवंटित की है, जिसमें पश्चिम बंगाल भी शामिल है।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने घाटल मास्टर प्लान को तेज गति से लागू करने के निर्देश दिए हैं। यह योजना राज्य की प्रमुख नदियों के किनारों को मजबूत करने और बाढ़ से बचाव के उपायों को सुधारने का एक प्रयास है।

विपक्ष की प्रतिक्रिया 

पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने राज्य सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी केंद्रीय धन के संबंध में झूठे दावे कर रही हैं। अधिकारी का कहना है कि राज्य सरकार को केंद्र से पर्याप्त धनराशि मिली है, लेकिन बाढ़ और चक्रवात राहत के कार्यों में उसका प्रभाव नहीं दिख रहा है।

राज्य सरकार की तरफ से अधिकारी के आरोपों का जवाब नहीं आया है, लेकिन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बाढ़ और चक्रवात राहत के कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।

चक्रवात “दाना” ने पश्चिम बंगाल में भारी नुकसान पहुंचाया है। राज्य सरकार ने तत्परता से राहत और बचाव कार्य शुरू किया और प्रभावित लोगों के पुनर्वास के लिए विभिन्न उपाय किए। कृषि क्षेत्र में नुकसान का आकलन और फसल बीमा जैसे प्रयास किसानों को राहत देने में सहायक होंगे। पर्यावरण संरक्षण और सुंदरबन क्षेत्र की सुरक्षा के लिए मैंग्रोव वृक्षारोपण योजना राज्य के दीर्घकालिक उद्देश्यों का हिस्सा है। राज्य और केंद्र सरकार के सहयोग में सुधार के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि भविष्य में किसी भी प्राकृतिक आपदा का सामना बेहतर तरीके से किया जा सके।

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Author: Suryodaya Samachar

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