सोनभद्र में साइबर फ्रॉड:-[सोनभद्र से ब्यूरो चीफ रामेश्वर सोनी की रिपोर्ट] उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जनपद में एक चौंकाने वाला साइबर फ्रॉड सामने आया है, जिसमें एनसीएल (नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड) के एक कर्मचारी और उसकी भतीजी को एक फर्जी ट्रेडिंग ऐप के माध्यम से ₹2.27 करोड़ की ठगी का शिकार बनाया गया। इस मामले में 1 अप्रैल 2025 को साइबर क्राइम पुलिस थाना, सोनभद्र में शिकायत दर्ज कराई गई।
ठगी का पूरा मामला
शिकायतकर्ता युगल किशोर तिवारी, निवासी बीना एनसीएल, थाना शक्तिनगर, जनपद सोनभद्र, ने बताया कि 13 जनवरी 2025 को उनके व्हाट्सएप पर एक लिंक आया, जिसमें एक ट्रेडिंग ऐप “शेयरखान एज” (Sharekhan Edge) डाउनलोड करने का निर्देश दिया गया था। इसे एक असली स्टॉक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म समझकर उन्होंने और उनकी भतीजी अंकिता तिवारी ने इसे डाउनलोड कर लिया।
ऐप इंस्टॉल करने के बाद, उन्हें दो डीमैट अकाउंट नंबर – IN365201816156 और IN365201818661 प्रदान किए गए। इसके बाद, दो अलग-अलग व्हाट्सएप नंबरों (9216450744 और 9601423744) से संदेश आने लगे, जिनमें यह बताया जाता था कि उन्हें कौन-से शेयर, आईपीओ (IPO) और ऑप्शंस खरीदने हैं।
कैसे हुई ₹2.27 करोड़ की ठगी?
शिकायतकर्ता और उनकी भतीजी को बार-बार निवेश के लिए प्रेरित किया गया। जब वे ऐप में लॉग इन करते, तो उनके डीमैट खाते में लगातार लाभ दिखाया जाता, जिससे उन्हें विश्वास हो गया कि वे मुनाफा कमा रहे हैं।
13 जनवरी 2025 से 31 मार्च 2025 के बीच, 34 बार लेन-देन करके कुल ₹2,27,02,616 विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर दिए गए। लेकिन जब उन्होंने अपना पैसा निकालने की कोशिश की, तो उन्हें एहसास हुआ कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है।
पुलिस कार्रवाई
इस मामले की शिकायत 1 अप्रैल 2025 को साइबर क्राइम पुलिस थाना, सोनभद्र में दर्ज की गई। पुलिस ने धारा 66डी आईटी एक्ट के तहत मु.अ.सं. 04/2025 में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
पुलिस अधीक्षक, सोनभद्र ने बताया कि साइबर ठगी की इस घटना की विस्तृत जांच जारी है। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और किसी भी वित्तीय लेन-देन से पहले पूरी तरह सतर्क रहें।
कैसे बचें साइबर ठगी से?
1. अनजान लिंक पर क्लिक न करें – यदि कोई अज्ञात व्यक्ति आपको किसी ट्रेडिंग ऐप या निवेश से जुड़ा लिंक भेजता है, तो पहले उसकी पुष्टि करें।
2. व्हाट्सएप या फोन कॉल से निर्देशों पर भरोसा न करें – आधिकारिक कंपनियां कभी भी निवेश के निर्देश व्हाट्सएप के जरिए नहीं देतीं।
3. किसी भी संदिग्ध ऐप को डाउनलोड करने से बचें – केवल आधिकारिक वेबसाइट या गूगल प्ले स्टोर/एप्पल ऐप स्टोर से ही ऐप डाउनलोड करें
4. अपनी बैंकिंग और पर्सनल जानकारी किसी से साझा न करें – साइबर अपराधी कई बार आपकी व्यक्तिगत जानकारी मांगकर ठगी कर सकते हैं।
5. अगर साइबर फ्रॉड का शिकार हों, तो तुरंत रिपोर्ट करें – पुलिस और साइबर क्राइम हेल्पलाइन (1930) पर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं।
निष्कर्ष
सोनभद्र में हुए इस बड़े साइबर फ्रॉड ने दिखाया कि ठग किस तरह से लोगों को निवेश के नाम पर धोखा देकर लाखों-करोड़ों रुपये ठग सकते हैं। यह घटना लोगों के लिए एक सबक है कि वे ऑनलाइन निवेश करने से पहले पूरी सतर्कता बरतें और किसी भी अनजान स्रोत से मिली जानकारी को तुरंत सत्यापित करें।

Author: Suryodaya Samachar
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