Business news :- टेलीकॉम सेक्टर की एक प्रमुख कंपनी ने अपने कारोबार को नए आयाम देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने अपनी एनबीएफसी (NBFC) इकाई में 20,000 करोड़ रुपये तक की पूंजी निवेश करने की घोषणा की है, जिससे वह डिजिटल फाइनेंस और लेंडिंग बाजार में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराना चाहती है।
यह निवेश टेलीकॉम सेवाओं से बाहर कंपनी का अब तक का सबसे बड़ा रणनीतिक दांव माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, तेजी से बढ़ते डिजिटल भुगतान और क्रेडिट इकोसिस्टम को देखते हुए कंपनी वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में लंबी पारी खेलने की तैयारी कर रही है।
क्या है कंपनी की रणनीति?
- डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए आसान और तेज लोन उपलब्ध कराना
- छोटे कारोबारियों और नए ग्राहकों को क्रेडिट एक्सेस देना
- डेटा और टेक्नोलॉजी का उपयोग कर जोखिम प्रबंधन मजबूत करना
- फिनटेक स्पेस में प्रतिस्पर्धा बढ़ाना
क्यों अहम है यह कदम?
भारत में डिजिटल लेनदेन और फिनटेक सेवाओं की मांग तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में टेलीकॉम कंपनियां अपने बड़े ग्राहक आधार और डेटा क्षमता का फायदा उठाकर वित्तीय सेवाओं में विस्तार कर रही हैं। यह कदम कंपनी को नए राजस्व स्रोत देने के साथ बाजार में उसकी स्थिति और मजबूत कर सकता है।
क्या होगा असर?
विश्लेषकों का मानना है कि इस निवेश से डिजिटल लोन की पहुंच बढ़ेगी, प्रतिस्पर्धा तेज होगी और ग्राहकों को अधिक विकल्प मिलेंगे। साथ ही कंपनी को टेलीकॉम पर निर्भरता कम करने में भी मदद मिलेगी।
Author: Suryodaya Samachar
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