नई दिल्ली :- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर मालदीव के नेताओं जो विवादित टिप्पणी की है उसके बाद से #BoycottMaldives ट्रेंड जोरो पर है। जिसके चलते बहुत लोगों ने मालदीव यात्रा की योजना रद्द कर दी। इस देश से सम्बंधित कई चौकाने वाले खुलासे सामने आ रहे है। कुछ का मानना तो ये भी है की ISIS में अधिक संख्या में जुड़ने वाले मालदीवियन्स है। अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट की मानें तो वहां के एक शहर में इस्लामिक स्टेट का सेल भी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जो भी कुछ कार्य करते है उसका विश्व भर पर असर पड़ता है। पीएम मोदी की लोकप्रियता का अंदजा आप इस बात से लगा सकते हो जब कही कोई भी अंतरराष्ट्रीय स्तर का आयोजन होता है। जिसमे विश्व के सभी नेता शामिल होते है उन सब में प्रधानमंत्री मोदी से मिलने का एक अलग ही उत्साह होता है। लेकिन कुछ देश के नेताओं को पीएम मोदी इसलिए पसंद नहीं आ रहे क्योंकि मोदी अपने ही देश के पर्यटन को बढ़ावा दे रहे है।
प्रधानमंत्री मोदी के लक्षद्वीप दौरे को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले मालदीप सरकार के तीनों मंत्रियों को निलंबित कर दिया गया है। इसके बाद में भारतीय नागरिकों का क्रोध कम होने का नाम नहीं ले रहा है। हालंकि अपनी गलतियों पर पर्दा डालने के लिए वहां की सरकार निरंतर दोनों देशो के पुराने संबंध और दोस्ती का हवाला दे रही है। इसके पीछे की वजह मालदीव की इकनॉमी काफी हद तकभारतीय पर्यटकों पर निर्भर है। हर वर्ष लाखों की संख्या में इंडियन वहा छुट्टियां मनाने जाते है।
मालदीव कट्टरपंथ का गढ़
मालदीव के विषय में अमेरिका कह चुका है कि ये सीमा से अधिक चरमपंथी देश है। इस देश के लोग आतंकवादियों के प्रति नरम रुख रहे है। एक वक्त ये देश बौद्ध आबादी वाला मुल्क हुआ करता था। समय के बदलाव के साथ अब ये मुस्लिम बहुल देश हो गया। आलम ये है की यहां गैर मुस्लिमों को नागरिकता तक नहीं दी जाती। इतिहासकारो के मत अनुसार मालदीव के शासक भारत के चोल साम्रज्य से थे। लेकिन कैसे पूरे राष्ट्र इस्लामिक हो गया ? भारतीय शासक मालदीव तक कैसे पहुंचे, इस बारे में अलग-अलग राय है।
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Author: Suryodaya Samachar
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