Bagheswar Dham 2025 :- बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने दिल्ली से वृंदावन तक की 10 दिवसीय पदयात्रा का शुभारंभ किया है। इस यात्रा का नाम ‘सनातन हिंदू एकता पदयात्रा’ रखा गया है, जो दिल्ली के इंद्रप्रस्थ क्षेत्र से शुरू होकर उत्तर प्रदेश के पवित्र नगर वृंदावन तक जाएगी।
यह पदयात्रा 7 नवंबर से 16 नवंबर 2025 तक चलेगी। यात्रा दिल्ली और हरियाणा होते हुए यूपी के लगभग 422 स्थानों से गुज़रेगी। धीरेंद्र शास्त्री का कहना है कि इस यात्रा के माध्यम से वे 5 करोड़ श्रद्धालुओं तक सनातन संदेश पहुँचाने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। अनुमान है कि करीब दो लाख भक्तजन प्रत्यक्ष रूप से इस पदयात्रा में सम्मिलित होंगे।
🌊 मुख्य उद्देश्य: यमुना की शुद्धि और सनातन एकता
बाबा बागेश्वर का कहना है कि इस यात्रा का प्रमुख संकल्प यमुना नदी को पुनः गंगा के समान निर्मल और पवित्र बनाना है।
उन्होंने बताया कि यमुनोत्री से निकलने वाली यह नदी हरियाणा और दिल्ली से होकर गुजरते समय अत्यधिक प्रदूषित हो जाती है। इस दौरान यात्रा में वे ब्रज क्षेत्र में मांस और शराब पर प्रतिबंध, गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा और श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण जैसे मुद्दों को भी उठाएंगे।
यात्रा शुरू करने से पूर्व बाबा धीरेंद्र शास्त्री ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर आशीर्वाद और समर्थन प्राप्त किया था।
🙏 कई संतों और हस्तियों की होगी उपस्थिति
इस विशाल पदयात्रा में अनेक संत-महात्मा, कलाकार और सामाजिक हस्तियाँ शामिल होंगी।
सूत्रों के अनुसार, कथावाचक जया किशोरी, कवि कुमार विश्वास, रेसलर द ग्रेट खली, अभिनेत्री अक्षरा सिंह और हास्य कलाकार सुनील ग्रोवर भी यात्रा में भाग ले सकते हैं।
इसके अलावा, साध्वी ऋतंभरा, चिदानंद मुनि जी, स्वामी ज्ञानानंद महाराज, राजू दास महाराज (हनुमानगढ़ी), सुधांशु जी महाराज, बालक योगेश्वर दास, मृदुल कांत शास्त्री और संजीव कृष्ण ठाकुर जैसे प्रतिष्ठित संत भी इस यात्रा का हिस्सा होंगे।
🛣️ पदयात्रा का रूट प्लान
7 नवंबर: दिल्ली के कात्यायनी देवी मंदिर से शुभारंभ
8 नवंबर: बहादुरगढ़ (हरियाणा सीमा) पर पड़ाव
9 नवंबर: फरीदाबाद NIT दशहरा मैदान और सीकरी में यात्रा विश्राम
10-12 नवंबर: परथला राजकीय कॉलेज, मीठा गाँव, होडल मंडी से होकर प्रस्थान
13 नवंबर: हरियाणा-उत्तर प्रदेश सीमा पार करते हुए कोसीकलां (मथुरा) में प्रवेश
15 नवंबर: बरसाना में यात्रा आगमन
16 नवंबर: वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में समापन एवं महासभा का आयोजन
यह यात्रा न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि इसका उद्देश्य समाज में सनातन एकता, पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक पुनर्जागरण को बढ़ावा देना भी है।
Author: Suryodaya Samachar
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