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Ahoi Ashtami 2025: अहोई माता को चढ़ाए जाने वाले 5 पारंपरिक भोग और उनकी सरल विधि

Ahoi Ashtami 2025: सनातन परंपरा के अनुसार अहोई अष्टमी का व्रत संतान की दीर्घायु, सुख-शांति और समृद्धि के लिए रखा जाता है। मान्यता है कि यदि माता अहोई व्रत पूरी श्रद्धा और नियमों के साथ करती हैं तो उनके बच्चों के जीवन में खुशहाली और मंगल बना रहता है। इस वर्ष अहोई अष्टमी का व्रत 13 अक्टूबर 2025 (सोमवार) को मनाया जाएगा। पूजा की तैयारियां घरों में शुरू हो चुकी हैं, लेकिन कई लोगों को यह जानकारी नहीं होती कि अहोई माता को कौन से पारंपरिक भोग अर्पित किए जाते हैं।

यहां हम बता रहे हैं 5 विशेष भोग जो अहोई माता की पूजा में अर्पित किए जाते हैं और साथ ही उनकी बनाने की आसान विधि भी।


अहोई अष्टमी के दिन कौन-से भोग लगाए जाते हैं?

अहोई माता की पूजा में ये 5 चीजें भोग के रूप में चढ़ाई जाती हैं:

  • दूध की मिठाई
  • सूजी का हलवा
  • कढ़ी चावल
  • सिंघाड़ा फल
  • आटे के गुलगुले

1. दूध की मिठाई कैसे बनाएं?

सामग्री:

  • 1 लीटर दूध
  • 250 ग्राम चीनी

विधि:
दूध को उबालकर फाड़ लें और उसे अच्छी तरह छान लें। फिर चीनी की चाशनी बनाकर ठंडा होने दें। फटा हुआ दूध नरम हाथों से मिलाकर छोटे-छोटे गोले बनाएं और उन्हें चाशनी में डूबोकर भोग के लिए रख दें।

Doodh ki mithayi

2. सूजी का हलवा बनाने की विधि

सामग्री:
सूजी, चीनी, दूध, घी और सूखे मेवे

विधि:
कड़ाही गर्म करके उसमें सूजी को घी में सुनहरा होने तक भूनें। फिर पानी या दूध, चीनी मिलाकर हल्की आंच पर पकाएं। जब हलवा तैयार हो जाए, उस पर ड्राई फ्रूट डालकर अहोई माता को भोग अर्पित करें।

Sooji ka halwa

3. कढ़ी चावल कैसे बनाएं?

सामग्री:
बेसन, दही, नमक, हल्दी और लाल मिर्च

विधि:
बेसन और दही का पतला मिश्रण बनाएं। इसे कढ़ाही में डालकर धीमी आंच पर पकाएं और इसमें हल्दी, नमक व लाल मिर्च मिलाएं। अलग से चावल पका लें। फिर कढ़ी और चावल मिलाकर भोग अर्पित करें।


4. सिंघाड़ा फल का भोग कैसे चढ़ाएं?

सिंघाड़ा एक पवित्र और सात्त्विक फल माना जाता है। इसे अच्छे से धोकर साफ कपड़े से पोंछ लें और सीधे अहोई माता को अर्पित कर दें।

Singhada fal

5. आटे के गुलगुले कैसे बनते हैं?

सामग्री:
गेहूं का आटा, गुड़, घी

विधि:
गुड़ को पानी में घोलकर आटे में मिलाएं और मुलायम सा घोल तैयार करें। इसे 10–15 मिनट रख दें। फिर छोटे-छोटे गुलगुले बनाकर घी में तल लें। ठंडा होने पर भोग में चढ़ाएं।

Aate ka gulgula

क्या भोग की कुछ चीजें पहले से तैयार की जा सकती हैं?

जी हां, दूध की मिठाई और आटे के गुलगुले पहले से बनाकर रखे जा सकते हैं। ये जल्दी खराब नहीं होते।


भोग लगाते समय किन बातों का ध्यान रखें?

  • भोग सात्त्विक होना चाहिए
  • इसमें लहसुन और प्याज का प्रयोग नहीं होना चाहिए
  • साफ-सफाई और शुद्धता का विशेष ध्यान रखें

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Suryodaya Samachar
Author: Suryodaya Samachar

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