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NOIDA : अमेरिकी नागरिकों को ठगने वाले गैंग का भंडाफोड़, नोएडा में फर्जी कॉल सेंटर में काम करने वाले 25 लोग गिरफ्तार…………

NOIDA : आरोपितों के पास अमेरिकी नागरिकों का डाटा डार्क वेब और ई-मेल के जरिये आता था। मिले हुए डाटा के जरिये पहले आरोपित विदेशी नागरिकों के पास भारी मात्रा में उनके कंप्यूटर और फोन में तकनीकी समस्या होने का मैसेज भेजते थे। जब कोई व्यक्ति इनके भेजे गए मैसेज पर प्रतिक्रिया करता था। आरोपित उनसे संपर्क कर मदद का झांसा देकर उनके साथ लाखों रुपये की ठगी कर लेते थे।

नोएडा। कोतवाली सेक्टर-58 क्षेत्र के सेक्टर-59 में एसटीएफ लखनऊ व गौतमबुद्ध नगर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई करते हुए फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। टीम ने 25 आरोपितों को रंगेहाथ गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह का सरगना फरार है। ये लोग बीओआईपी कॉल, टीएफएन व सोफ्ट फोन के माध्यम से अमेरिकी नागरिकों के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी करते थे।

एडीसीपी मनीष कुमार मिश्रा ने बताया कि लखनऊ एसटीएफ की टीम को सेक्टर-59 स्थित डी-41 में अमेरिकी नागरिकों से ठगी करने वाले एक फर्जी कॉल सेंटर के संचालित होने की जानकारी हुई। सूचना पर लखनऊ एसटीएफ की टीम ने गुरुवार को सेक्टर-58 पुलिस की मदद से छापामारी की। करीब चार माह से चल रहे फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया।

पुलिस की टीम ने सरगना सहित गिरोह में शामिल 25 लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं गिरोह का सरगना शाजिद शहिदी निवासी दिल्ली मौके से फरार हो गया है। जिसकी तलाश में पुलिस की एक टीम आरोपी के ठिकाने पर छापेमारी कर रही है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 34 मोबाइल फोन, 4 लैपटाप, 5 इंटरनेट राउटर, 4 चार पहिया वाहन,22 कम्प्यूटर डिस्पले , 22 सीपीयू , 22 की बोर्ड , 22 माउस , 22 हेड फोन , 2 रजिस्टर, 24 कागजात को बरामद किया है।

इन लोगों की हुई गिरफ्तारी

गिरफ्तार आरोपितों की पहचान दिल्ली के जितेंद्र, गाजियाबाद के मानिक सिवाच, संजीत, रितिक मल्होत्रा, दिल्ली के मोहम्मद साबिर, शिवा कश्यप, मोहित ग्लोवर, दिव्यम शर्मा, सक्षम मल्होत्रा, हिमांशु भारद्वाज, विकास यादव, अंकुर शोनी, कैलाश शाही, नीरज, फिरोज आलम, भूपेंद्र सिंह यादव, अफरोज खान, युधिष्ठिर कुमार, मनीष तिवारी, गौतम सहगल, यश मक्कड़, मेरठ के आदिल रिजवी, नदीम, बागपत के अनुभव त्यागी और हरियाणा के चिंटू और चंद्रपाल है।

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तीन से चार माह पहले खोला कॉल सेंटर

गिरफ्त में आए आरोपितों ने पूछताछ में बताया कि गिरोह का सरगना शाजिद शहिदी है, जिसने तीन महीने पहले कॉल सेंटर को खोला था। सरगना मूलरूप से मेरठ का रहने वाला है और दिल्ली में रहता है, जो ऑनलाइन ही कॉल सेंटर में काम करने वाले लोगों से बातचीत करता था। गिरोह में पकड़े गए आरोपित यहां पर नौकरी करते थे। जिनको आरोपित ने 12 हजार रुपये मासिक वेतन पर ठगी का काम दिया था। आरोपितों ने इस दौरान सैकड़ों की संख्या में अमेरिकी नागरिकों के साथ करोड़ों रुपये की ठगी की है।

ऐसे करते थे अमेरिकी नागरिकों से ठगी

आरोपितों ने बताया कि वह कंप्यूटर से टीएफएन पोर्टल के जरिये आईबीएम साफ्टवेयर से विदेशी कॉल को अपने कॉल सेंटर में लगे सिस्टम पर लैंड कराते थे। इसके बाद आरोपी कॉल को उठाने के बाद खुद को विदेशी कंपनी का प्रतिनिधि बताते थे। इस दौरान आरोपित बताते थे कि उनके फोन और लैपटाप में कुछ वायरस आ गए हैं। जिनको जल्द ही उनको ठीक कराना होगा नहीं तो उनका सिस्टम हैक हो जाएगा।

इस दौरान आरोपी अमेरिकी लोगों को मदद के बहाने उनके सिस्टम को ऐनीडेस्क साफ्टवेयर जरिये कनेक्ट करके मदद करने के बहाने पीड़ितों से 100 से 500 डॉलर की फीस वसूल कर लेते थे। जिसको आरोपित गिफ्ट कार्ड के जरिये अपने खाते में ट्रांसफर कर लेते थे। इस दौरान आरोपित अमेरिकी नागरिकों के सिस्टम से उनके जरूरी डेटा से भी छेड़छाड़ कर फर्जीवाड़ा करते थे।

डार्क वेब और ई-मेल से मिलता था डाटा 

एसपी अरविंद कुमार ने बताया कि आरोपितों के पास अमेरिकी नागरिकों का डाटा डार्क वेब और ई-मेल के जरिये आता था। मिले हुए डाटा के जरिये पहले आरोपित विदेशी नागरिकों के पास भारी मात्रा में उनके कंप्यूटर और फोन में तकनीकी समस्या होने का मैसेज भेजते थे। जब कोई व्यक्ति इनके भेजे गए मैसेज पर प्रतिक्रिया करता था। तो आरोपित उनसे संपर्क कर मदद का झांसा देकर उनके साथ लाखों रुपये की ठगी कर लेते थे।

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Author: Suryodaya Samachar

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