Bihar DGP : बिहार सरकार ने 1991 बैच की IPS अधिकारी प्रीता वर्मा का DGP का अतिरिक्त प्रभार अगले आदेश तक बढ़ा दिया है। गृह विभाग ने 5 अक्टूबर 2026 को अधिसूचना जारी की। जानिए प्रीता वर्मा को कब मिली थी DGP की जिम्मेदारी और स्थायी DGP की नियुक्ति की प्रक्रिया कहां तक पहुंची है।
बिहार में पुलिस महानिदेशक (DGP) के पद को लेकर चल रही अस्थायी व्यवस्था फिलहाल जारी रहेगी। राज्य सरकार ने वरिष्ठ IPS अधिकारी प्रीता वर्मा को DGP का दिया गया अतिरिक्त प्रभार अगले आदेश तक बढ़ा दिया है। गृह विभाग ने 5 अक्टूबर 2026 को इस संबंध में अधिसूचना जारी की है। बिहार सरकार के आधिकारिक गृह विभाग की वेबसाइट पर भी इस आदेश को दर्ज किया गया है।
Bihar DGP : 5 अक्टूबर को जारी हुआ नया आदेश
गृह विभाग के आदेश के मुताबिक, 1991 बैच की बिहार कैडर की IPS अधिकारी प्रीता वर्मा को बिहार के पुलिस महानिदेशक का अतिरिक्त प्रभार अब अगले आदेश तक जारी रहेगा। यह आदेश राज्यपाल के आदेश से जारी किया गया है।
इससे साफ है कि फिलहाल बिहार पुलिस मुख्यालय की कमान प्रीता वर्मा के पास ही रहेगी।
Bihar DGP : 15 सितंबर को मिली थी DGP की अतिरिक्त जिम्मेदारी
प्रीता वर्मा को पहली बार 15 सितंबर 2026 को बिहार DGP का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया था। उस समय तत्कालीन DGP विनय कुमार 21 दिनों की छुट्टी पर गए थे और उनकी अनुपस्थिति में प्रीता वर्मा को कार्यवाहक DGP की जिम्मेदारी दी गई थी।
बाद में विनय कुमार ने VRS ले लिया और उन्हें बिहार का मुख्य सूचना आयुक्त नियुक्त किया गया। इसके बाद बिहार में पूर्णकालिक DGP की नियुक्ति की प्रक्रिया अलग से चल रही है।
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Bihar DGP : प्रीता वर्मा के पास पहले से भी अहम जिम्मेदारी
DGP का अतिरिक्त प्रभार संभालने के साथ प्रीता वर्मा अपनी मौजूदा जिम्मेदारी भी संभाल रही हैं। वह गृह रक्षा वाहिनी एवं अग्निशमन सेवाओं की महानिदेशक-सह-महासमादेष्टा हैं। यानी उनके पास पुलिस महानिदेशक के अतिरिक्त प्रभार के साथ होमगार्ड और फायर सर्विस से जुड़ी जिम्मेदारी भी बनी हुई है।
Bihar DGP : कौन हैं प्रीता वर्मा
प्रीता वर्मा 1991 बैच की IPS अधिकारी हैं। अपने लंबे पुलिस करियर के दौरान वह बिहार के सहरसा, सिवान, बेगूसराय, वैशाली और मुजफ्फरपुर जैसे जिलों में पुलिस कप्तान की जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं। उन्होंने CID, विजिलेंस और बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर भी काम किया है।
उन्हें 2009 में सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदक और 2023 में विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किए जाने की जानकारी भी सामने आई है
सरकार के ताजा आदेश का मतलब यह नहीं है कि प्रीता वर्मा को स्थायी DGP नियुक्त कर दिया गया है। फिलहाल उन्हें अतिरिक्त/कार्यवाहक प्रभार जारी रखने का फैसला हुआ है।
पूर्णकालिक DGP के चयन की प्रक्रिया अलग है। रिपोर्टों के मुताबिक वरिष्ठ IPS अधिकारियों का पैनल UPSC प्रक्रिया के लिए भेजा गया है और आगे UPSC की प्रक्रिया के बाद राज्य सरकार को नाम भेजे जाने हैं।
बिहार DGP मामले की बड़ी बातें
- अधिकारी: प्रीता वर्मा
- बैच: 1991 बिहार कैडर IPS
- DGP अतिरिक्त प्रभार: 15 सितंबर 2026 से
- नया आदेश: 5 अक्टूबर 2026
- अवधि: अगले आदेश तक
- मौजूदा जिम्मेदारी: DG, गृह रक्षा वाहिनी एवं अग्निशमन सेवाएं
- स्थायी DGP: नियुक्ति की प्रक्रिया अलग से जारी
Author: Suryodaya Samachar
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