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Soap shampoo new rules 2026 :- साबुन-शैंपू से लेकर कॉस्मेटिक्स तक पैकेजिंग पर दिखेगा वेज-नॉनवेज निशान, 21 सितंबर से नया नियम लागू

Soap shampoo new rules 2026 :- अगर आप साबुन, शैंपू, टूथपेस्ट, कॉस्मेटिक्स या अन्य Toiletries खरीदते हैं तो अब आपको इनके पैकेट पर एक खास Color Coding दिखाई देगी। केंद्र सरकार ने इन उत्पादों की पैकेजिंग पर इस्तेमाल होने वाली सामग्री के Vegetarian या Non-Vegetarian Origin की पहचान के लिए रंगीन डॉट लगाने का प्रावधान किया है। इसके तहत शाकाहारी मूल के उत्पाद के लिए हरा डॉट, जबकि गैर-शाकाहारी मूल के उत्पाद के लिए लाल या भूरा डॉट लगाया जाएगा।

यह बदलाव Legal Metrology (Packaged Commodities) Fourth Amendment Rules, 2026 के तहत किया गया है। सरकार ने इसकी अधिसूचना 21 सितंबर 2026 को जारी की और नियम उसी दिन Official Gazette में प्रकाशित होने के साथ लागू हो गया।

Soap shampoo new rules 2026 :- साबुन और शैंपू के पैकेट पर कहां होगा निशान?

नए प्रावधान के अनुसार Vegetarian और Non-Vegetarian Origin की पहचान करने वाला Color Dot पैकेज के Principal Display Panel यानी पैकेट के उस मुख्य हिस्से पर लगाया जाएगा, जहां उत्पाद से जुड़ी प्रमुख जानकारी प्रदर्शित होती है। नियम के अनुसार यह निशान इस मुख्य डिस्प्ले पैनल के ऊपरी हिस्से में होना चाहिए।

सरल भाषा में समझें तो अब ग्राहक साबुन, शैंपू, टूथपेस्ट या संबंधित Cosmetic Product का पैकेट देखते समय सामने के हिस्से के ऊपर लगे इस निशान से उसके इस्तेमाल किए गए Ingredients के Origin के बारे में जानकारी हासिल कर सकेंगे।

Soap shampoo new rules 2026 :-हरा, लाल और भूरा डॉट क्या बताएगा?

सरकार द्वारा निर्धारित Color Coding को समझना काफी आसान है।

हरा डॉट: उत्पाद Vegetarian Origin का है।

लाल या भूरा डॉट: उत्पाद Non-Vegetarian Origin का है।

यह पहचान विशेष रूप से उन उपभोक्ताओं के लिए उपयोगी हो सकती है जो किसी Cosmetic या Personal Care Product में इस्तेमाल होने वाली सामग्री के स्रोत को लेकर जानकारी चाहते हैं।

किन-किन Products पर लागू होगा नियम?

यह प्रावधान केवल साबुन और शैंपू तक सीमित नहीं है। अधिसूचना में स्पष्ट रूप से Soap, Shampoo, Toothpaste, Other Cosmetics और Toiletries को शामिल किया गया है।

यानी बाजार में मिलने वाले कई रोजमर्रा के Personal Care Products की Packaging पर यह पहचान दिखाई दे सकती है।

क्या यह बिल्कुल नया नियम है?

यहां एक महत्वपूर्ण बात समझना जरूरी है। Vegetarian और Non-Vegetarian Origin की पहचान से जुड़ा ऐसा प्रावधान पहले भी Legal Metrology (Packaged Commodities) Rules, 2011 के Rule 6(8) में मौजूद था। 21 सितंबर 2026 के संशोधन में सरकार ने इस व्यवस्था को नए कानूनी प्रावधान के तहत Rule 6(4A)(d) में शामिल किया और पुराने Sub-rule 6(8) को हटा दिया।

इसलिए इसे पूरी तरह नया विचार कहने के बजाय यह कहना ज्यादा सटीक है कि सरकार ने मौजूदा Labeling Requirement को नए Regulatory Framework के तहत फिर से स्पष्ट और अनिवार्य किया है।

ग्राहकों को क्या फायदा होगा?

इस बदलाव से ग्राहकों को Product Packaging पर Vegetarian या Non-Vegetarian Origin की पहचान आसानी से देखने को मिलेगी। खासकर ऐसे उपभोक्ता जो किसी Product में इस्तेमाल होने वाली सामग्री के स्रोत को लेकर सावधानी बरतते हैं, उनके लिए यह जानकारी उपयोगी हो सकती है।

अब किसी Product को खरीदते समय ग्राहक केवल Brand, Price या Expiry Date ही नहीं, बल्कि Packaging पर मौजूद Color Coding को भी देख सकेंगे।

कंपनियों के लिए क्या बदल जाएगा?

अब संबंधित Manufacturers और Packaged Product कंपनियों को नियम में निर्धारित तरीके से अपने उत्पादों की Packaging पर उचित Color Dot प्रदर्शित करना होगा। इसका उद्देश्य Packaging पर जरूरी जानकारी को उपभोक्ता के लिए स्पष्ट और आसानी से दिखाई देने योग्य बनाना है।

नियम 21 सितंबर 2026 को Official Gazette में प्रकाशित होते ही प्रभावी हो गया है।

Delhi High Court में भी उठा था मुद्दा

इस Labeling Requirement को लेकर Regulatory Framework पर पहले भी सवाल उठ चुके हैं। फरवरी 2026 में Delhi High Court के समक्ष Cosmetics और Toiletries पर Vegetarian/Non-Vegetarian Labeling से जुड़ा मामला आया था। अदालत के रिकॉर्ड में इस मुद्दे से संबंधित Regulatory Position और Cosmetics Rules, 2020 के संदर्भ का उल्लेख है।

इसके बाद केंद्र सरकार ने सितंबर 2026 में Legal Metrology Rules में संशोधन करते हुए इस व्यवस्था को स्पष्ट कानूनी प्रावधान के रूप में शामिल किया।

अब खरीदारी करते समय रखें ध्यान

अगली बार जब आप Soap, Shampoo, Toothpaste या Cosmetic Product खरीदें तो उसके पैकेट के मुख्य हिस्से के ऊपरी भाग पर लगे Color Dot को जरूर देखें।

  • Green Dot = Vegetarian Origin
  • Red Dot = Non-Vegetarian Origin
  • Brown Dot = Non-Vegetarian Origin

इससे ग्राहकों को उत्पाद के Vegetarian या Non-Vegetarian Origin की पहचान करने में आसानी होगी।

मुख्य बातें एक नजर में

  • नया संशोधन 21 सितंबर 2026 से प्रभावी हुआ।
  • नियम Legal Metrology (Packaged Commodities) Rules, 2011 में संशोधन से जुड़ा है।
  • Soap, Shampoo, Toothpaste, Cosmetics और Toiletries शामिल हैं।
  • Vegetarian Origin के लिए Green Dot होगा।
  • Non-Vegetarian Origin के लिए Red या Brown Dot होगा।
  • निशान पैकेज के Principal Display Panel के ऊपरी हिस्से में लगाया जाएगा।
  • पुराने Rule 6(8) को हटाकर प्रावधान को Rule 6(4A)(d) में शामिल किया गया है।
  • यह व्यवस्था ग्राहकों को Product Origin की पहचान करने में मदद करेगी।

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साबुन, शैंपू, टूथपेस्ट और Cosmetics जैसे रोजमर्रा के Products की Packaging को लेकर सरकार के इस संशोधन से ग्राहकों के लिए Vegetarian और Non-Vegetarian Origin की पहचान अधिक स्पष्ट हो जाएगी। 21 सितंबर 2026 से लागू हुए नए प्रावधान के तहत पैकेज के मुख्य डिस्प्ले पैनल पर Green, Red या Brown Dot के माध्यम से यह जानकारी दी जाएगी। हालांकि यह व्यवस्था पहले के नियमों से जुड़ी हुई थी, सरकार ने अब इसे संशोधित कानूनी प्रावधान के तहत स्पष्ट रूप से शामिल किया है।

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Author: Suryodaya Samachar

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