Varanasi breaking news today :- मिर्जामुराद से लेकर राजातालाब, रोहनिया, चितईपुर और लंका क्षेत्र तक नेशनल हाईवे किनारे संचालित कई रेस्टोरेंट व गेस्ट हाउस इन दिनों चर्चा और सवालों के घेरे में हैं। स्थानीय लोगों और क्षेत्रीय सूत्रों के अनुसार कुछ स्थानों पर रेस्टोरेंट की आड़ में गेस्ट हाउस संचालित कर कथित तौर पर संदिग्ध और अनैतिक गतिविधियों को बढ़ावा दिए जाने की चर्चाएं तेज हो गई हैं।
क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि सुबह से देर रात तक कई गेस्ट हाउसों में चेहरे ढंककर आने वाले कपलों की आवाजाही लगातार देखी जा रही है। खास तौर पर मिर्जामुराद क्षेत्र स्थित “राजशाही राजमार्ग रेस्टोरेंट व गेस्ट हाउस” को लेकर भी इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं सामने आ रही हैं। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक यहां सिंगल बेड के लिए करीब 800 रुपये और डबल बेड के लिए लगभग 1000 रुपये तक लिए जाने की बात कही जा रही है।
लोगों का आरोप है कि हाईवे किनारे संचालित कई गेस्ट हाउस आवश्यक मानकों और वैधानिक दस्तावेजों के बिना ही धड़ल्ले से चल रहे हैं। नियमों के अनुसार किसी भी गेस्ट हाउस के संचालन के लिए व्यापारिक लाइसेंस, स्वास्थ्य विभाग का प्रमाण पत्र, खाद्य सुरक्षा लाइसेंस, अग्निशमन विभाग की एनओसी और सुरक्षा संबंधी अनुमति अनिवार्य होती है। बावजूद इसके कई स्थानों पर नियमों की अनदेखी कर कारोबार चलाए जाने की चर्चाएं आम हो चुकी हैं।
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स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अगर समय रहते प्रशासन ने सख्ती नहीं दिखाई, तो आने वाले समय में हाईवे क्षेत्र की छवि और अधिक खराब हो सकती है। वहीं सूत्रों के हवाले से यह भी चर्चा है कि कुछ संचालकों द्वारा कथित रूप से सुविधा शुल्क पहुंचाए जाने के कारण जांच और कार्रवाई प्रभावी तरीके से नहीं हो पाती। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
अब क्षेत्रीय जनता प्रशासन और पुलिस विभाग से मांग कर रही है कि हाईवे किनारे संचालित ऐसे गेस्ट हाउसों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्र में अवैध गतिविधियों का दायरा और बढ़ सकता है।फिलहाल यह मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग प्रशासन की अगली कार्रवाई पर नजर बनाए हुए हैं।
FAQs – नेशनल हाईवे किनारे गेस्ट हाउस विवाद
Q1. यह मामला किस क्षेत्र से जुड़ा हुआ है?
यह मामला वाराणसी के मिर्जामुराद, राजातालाब, रोहनिया, चितईपुर और लंका क्षेत्र के नेशनल हाईवे किनारे संचालित गेस्ट हाउसों से जुड़ा हुआ है।
Q2. स्थानीय लोगों ने क्या आरोप लगाए हैं?
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ गेस्ट हाउसों में रेस्टोरेंट की आड़ में संदिग्ध और अनैतिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।
Q3. गेस्ट हाउस संचालन के लिए कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी होते हैं?
व्यावसायिक लाइसेंस, स्वास्थ्य प्रमाण पत्र, खाद्य सुरक्षा लाइसेंस, सुरक्षा प्रमाण पत्र और अग्निशमन विभाग की NOC आवश्यक होती है।
Q4. लोगों की मुख्य मांग क्या है?
स्थानीय जनता प्रशासन से हाईवे किनारे संचालित गेस्ट हाउसों की जांच और नियम उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रही है।
Q5. क्या आरोपों की आधिकारिक पुष्टि हुई है?
नहीं, अभी तक इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन क्षेत्र में चर्चाएं लगातार तेज हैं।
Author: Suryodaya Samachar
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