Apara Ekadashi 2026 :- वैदिक पंचांग के अनुसार 13 मई 2026, बुधवार को अपरा एकादशी का पावन व्रत रखा जा रहा है। यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित होता है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा करने और व्रत रखने से व्यक्ति को पापों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
🙏 क्यों खास है अपरा एकादशी?
अपरा एकादशी को “अचला एकादशी” भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन किया गया पुण्य कई गुना फल देता है। यह व्रत विशेष रूप से उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है जो जीवन में नकारात्मक कर्मों से मुक्ति चाहते हैं।
🚫 अपरा एकादशी के दिन भूलकर भी न करें ये काम
❌ 1. अन्न का सेवन न करें
इस दिन चावल और अनाज का सेवन करना वर्जित माना गया है। इससे व्रत का फल नष्ट हो सकता है।
❌ 2. क्रोध और विवाद से बचें
किसी से झगड़ा या अपशब्द बोलना इस दिन बेहद अशुभ माना जाता है।
❌ 3. झूठ बोलने से करें परहेज
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार झूठ बोलने से व्रत का पुण्य कम हो जाता है।
❌ 4. लहसुन-प्याज का सेवन न करें
सात्विक भोजन ही ग्रहण करें, तामसिक चीजों से दूर रहें।
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❌ 5. पूजा में लापरवाही न करें
भगवान विष्णु की पूजा पूरे विधि-विधान से करें, किसी भी तरह की लापरवाही से बचें।
अपरा एकादशी व्रत कथा (संक्षेप में)
धार्मिक कथा के अनुसार, प्राचीन समय में एक राजा था जिसने जीवन में कई गलत कार्य और पाप किए थे। अपने कर्मों से दुखी होकर वह एक संत के पास गया और मुक्ति का उपाय पूछा। संत ने उसे अपरा एकादशी का व्रत रखने की सलाह दी।
राजा ने पूरी श्रद्धा और नियम के साथ व्रत किया तथा भगवान विष्णु की पूजा की। इस व्रत के प्रभाव से उसके सभी पाप नष्ट हो गए और उसे मोक्ष की प्राप्ति हुई।
Author: Suryodaya Samachar
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