महिला आरक्षण अधिनियम 2003 :- नई दिल्ली: महिलाओं को संसद और राज्य विधानसभाओं में एक तिहाई आरक्षण देने वाला नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 अब पूरे देश में लागू हो गया है। केंद्रीय कानून मंत्रालय ने गुरुवार देर शाम इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी।
अधिनियम कब और कैसे लागू हुआ
यह अधिनियम 16 अप्रैल 2026 से प्रभावी हो गया है। केंद्र सरकार ने संविधान (106वां संशोधन) अधिनियम, 2023 की धारा 1(2) के तहत नोटिफिकेशन जारी किया। इस अधिसूचना के साथ अब कानून की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई है।
क्या है महिला आरक्षण अधिनियम ?
नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत लोकसभा और सभी राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को कुल सीटों का 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। यह आरक्षण महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए लाया गया है।
परिसीमन और जनगणना के बाद यह आरक्षण लागू होगा, जिसके कारण लोकसभा की कुल सीटें बढ़कर लगभग 816 हो सकती हैं, जिनमें से करीब 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।
सरकार का दावा
सरकार का कहना है कि यह कदम महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला है। इससे देश की विधायिकाओं में महिलाओं की संख्या काफी बढ़ेगी और राजनीति में उनकी भागीदारी मजबूत होगी।
संसद में चल रही बहस
फिलहाल संसद में इस अधिनियम को और प्रभावी बनाने तथा इसके क्रियान्वयन पर विस्तृत बहस चल रही है। विपक्ष ने नोटिफिकेशन जारी करने के समय पर सवाल उठाए हैं, लेकिन सरकार इसे महिला empowerment का महत्वपूर्ण कदम बता रही है।
महत्वपूर्ण बातें
लागू होने की तारीख: 16 अप्रैल 2026
आरक्षण: लोकसभा और विधानसभाओं में 33%
लाभार्थी: महिलाएं
उद्देश्य: महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाना
यह अधिनियम महिलाओं के लिए नई उम्मीद और अवसर पैदा करेगा। आने वाले समय में देश की राजनीति में महिलाओं की भूमिका और मजबूत होने की संभावना है।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।
Author: Suryodaya Samachar
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