लखनिया दरी में बवाल: मिर्जापुर के अहरौरा क्षेत्र में स्थित लखनिया दरी जलप्रपात, जो कभी अपनी प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण के लिए जाना जाता था, इन दिनों सुर्खियों में है—लेकिन वजह इसकी खूबसूरती नहीं, बल्कि यहां फैली अव्यवस्था, गंदगी और पर्यटकों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार हैं। हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने इस पर्यटन स्थल की सच्चाई को उजागर कर दिया, जिसके बाद वन विभाग को सख्त कदम उठाने पड़े।
पूरा मामला तब तूल पकड़ गया जब 29 मार्च को कुछ पर्यटक पिकनिक मनाने के लिए लखनिया दरी पहुंचे। आरोप है कि पार्किंग और प्रवेश शुल्क के नाम पर उनसे जबरन वसूली की गई। जब पर्यटकों ने इसका विरोध किया, तो ठेकेदार के कर्मचारियों के साथ उनका विवाद हो गया, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। इस घटना का वीडियो वायरल होते ही प्रशासन हरकत में आ गया और पूरे मामले की जांच शुरू की गई।
ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई
प्रभागीय वनाधिकारी (DFO) राकेश कुमार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की। उन्होंने ठेकेदार चंदन मिश्रा को कारण बताओ नोटिस जारी किया और पार्किंग शुल्क वसूली के ठेके को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इतना ही नहीं, ठेकेदार द्वारा जमा की गई जमानत राशि भी जब्त कर ली गई है। विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि अगली सूचना तक किसी भी प्रकार की वसूली नहीं की जाएगी और पर्यटकों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
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नियमों का लगातार उल्लंघन
वन विभाग के अनुसार, पार्किंग का ठेका स्पष्ट नियमों और शर्तों के तहत दिया गया था, जिसमें साफ-सफाई, पर्यटकों के साथ शालीन व्यवहार और व्यवस्थाओं को सुचारू रखना अनिवार्य था। लेकिन इन नियमों का लगातार उल्लंघन हो रहा था। शिकायतें पहले भी मिल रही थीं कि पर्यटकों से अधिक पैसे वसूले जा रहे हैं और विरोध करने पर उनके साथ अभद्रता की जाती है।
लखनिया दरी जैसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पर गंदगी और अव्यवस्था भी एक बड़ी समस्या बन गई थी। यहां आने वाले सैलानी प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेने के बजाय अव्यवस्थित पार्किंग, कचरे के ढेर और बदसलूकी जैसी समस्याओं से जूझ रहे थे। इससे न केवल पर्यटकों का अनुभव खराब हो रहा था, बल्कि क्षेत्र की छवि भी धूमिल हो रही थी।

कार्रवाई के बाद अब पर्यटकों को राहत मिलेगी
इस कार्रवाई के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि हालात में सुधार होगा और पर्यटकों को राहत मिलेगी। वन विभाग ने संकेत दिया है कि भविष्य में नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ और भी सख्त कदम उठाए जाएंगे। साथ ही, नए सिरे से व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने की योजना भी बनाई जा सकती है।
यह घटना एक बड़ा सवाल भी खड़ा करती है—क्या हमारे पर्यटन स्थल सिर्फ कमाई का जरिया बनते जा रहे हैं? यदि समय रहते सख्ती नहीं बरती गई, तो ऐसे प्राकृतिक धरोहरों की पहचान और आकर्षण दोनों खतरे में पड़ सकते हैं। फिलहाल, लखनिया दरी में उठाए गए इस कदम को एक सकारात्मक शुरुआत माना जा रहा है, लेकिन असली चुनौती इसे लंबे समय तक कायम रखने की होगी।
Reporter :- तारा त्रिपाठी [ब्यूरो चीफ, मिर्जापुर] सूर्योदय समाचार।
Author: Suryodaya Samachar
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