Amalaki Ekadashi 2026 :- फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की पावन Amalaki Ekadashi 27 फरवरी 2026 को मनाई जाएगी। इसे आंवला एकादशी भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से व्रत और पूजन करने पर अनेक यज्ञों के बराबर पुण्य फल प्राप्त होता है। खास बात यह है कि इस एकादशी पर आंवले के वृक्ष की पूजा का विशेष महत्व है।
🌳 क्यों खास है आंवले का वृक्ष?
हिंदू धर्म में आंवला वृक्ष को अत्यंत पवित्र माना गया है। मान्यता है कि इसमें भगवान विष्णु का वास होता है। इस दिन आंवले का सेवन करने से स्वास्थ्य लाभ मिलता है और रोगों से रक्षा होती है।

✨ आमलकी एकादशी पर जरूर करें ये 7 कार्य
1️⃣ व्रत का संकल्प लें
प्रातःकाल स्नान कर Vishnu का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें।
2️⃣ विष्णु सहस्रनाम का पाठ
दीप प्रज्वलित कर श्रद्धा से विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें। इससे मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है।
3️⃣ आंवले के वृक्ष की पूजा
आंवले के पेड़ के नीचे कलश स्थापित कर धूप, दीप, चंदन, अक्षत और पुष्प अर्पित करें।
4️⃣ आंवले का सेवन और दान
फल या रस के रूप में आंवले का सेवन करें। जरूरतमंदों को आंवला दान करना अत्यंत पुण्यदायी माना गया है।
5️⃣ गौ सेवा और दान
Krishna के साथ गौ माता की पूजा करें और गौशाला में चारा या धन का दान दें।
6️⃣ अन्नदान करें
Annapurna की पूजा कर गरीबों और जरूरतमंदों को अन्न दान करें।
7️⃣ मंदिर में पूजन सामग्री का दान
कुमकुम, चंदन, वस्त्र, तेल-घी, मिठाई या अन्य पूजन सामग्री मंदिर में दान करें।
🪔 पूजा विधि संक्षेप में
ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें
भगवान विष्णु का ध्यान और व्रत संकल्प
विधिपूर्वक पूजा और सहस्रनाम पाठ
आंवले के वृक्ष के नीचे विशेष पूजन
🌟 आध्यात्मिक महत्व
मान्यता है कि आमलकी एकादशी का व्रत करने से पापों का नाश होता है, धन-धान्य में वृद्धि होती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। यह एकादशी मोक्ष प्रदान करने वाली मानी गई है।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं और शास्त्रीय परंपराओं पर आधारित है।
Author: Suryodaya Samachar
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