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Laddakh Protest:- वांगचुक ने भूख हड़ताल तोड़ी, 4 की मौत, हालात काबू में –

Laddakh Protest :- लद्दाख ने दशकों की सबसे बड़ी अशांति देखी जब राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर लेह में हुए प्रदर्शन हिंसक हो गए। इसमें 4 लोगों की मौत हो गई और 80 से अधिक लोग घायल हुए। प्रशासन ने कर्फ्यू जैसे प्रतिबंध लगाए और आंदोलनकारी सोनम वांगचुक ने अपनी भूख हड़ताल समाप्त करने की घोषणा की।

24 सितंबर को लेह में लेह एपेक्स बॉडी (LAB) की युवा इकाई द्वारा बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शन हिंसक हो गया जिसमें आगजनी, तोड़फोड़, पथराव और बीजेपी कार्यालयों व पुलिस वाहनों पर हमले शामिल थे। प्रदर्शनकारियों ने कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया और सुरक्षा बलों से भिड़ गए। हिंसा तब भड़की जब दो भूख हड़तालियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। शाम तक लेह जिले में कर्फ्यू लागू कर दिया गया।

प्रदर्शन क्यों हुए?

ये प्रदर्शन पांच साल से चल रही उस मांग से जुड़े हैं जिसमें लद्दाख को राज्य का दर्जा, छठी अनुसूची में शामिल करना, लेह और कारगिल के लिए अलग-अलग लोकसभा सीटें और रोजगार में आरक्षण की मांग की जा रही है।
सोनम वांगचुक ने 10 सितंबर से भूख हड़ताल शुरू की थी। प्रशासन का आरोप है कि “उकसावे भरे बयान” और “राजनीतिक रूप से प्रेरित लोग” बुधवार की हिंसा के लिए जिम्मेदार हैं। वहीं LAB ने कहा कि दो भूख हड़तालियों के अस्पताल में भर्ती होने के बाद आक्रोश बढ़ा।

 

लद्दाख प्रदर्शन: टॉप 10 अपडेट्स

1. चार लोगों की मौत, 80 से अधिक घायल

अधिकारियों ने पुष्टि की कि झड़पों में चार लोगों की जान गई। 80 से अधिक लोग घायल हुए, जिनमें 40 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। कम से कम छह की हालत गंभीर है।

2. लेह में कर्फ्यू लागू

उप राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने एहतियातन कर्फ्यू लगाया। उन्होंने कहा, “लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर किसी को शांतिपूर्ण तरीके से बोलने का अधिकार है, लेकिन आज जो हुआ वह स्वतःस्फूर्त नहीं था, यह एक साजिश का नतीजा है।”

3. भूख हड़ताल समाप्त

सोनम वांगचुक ने दो सप्ताह से अधिक चली भूख हड़ताल समाप्त कर दी। उन्होंने कहा, “मैं लद्दाख के युवाओं से अपील करता हूं कि हिंसा तुरंत बंद करें, क्योंकि यह सिर्फ हमारे मकसद को नुकसान पहुंचाती है और हालात और बिगाड़ती है।”

4. पुलिस कार्रवाई और आंसू गैस

लेह में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई। हालात काबू में लाने के लिए पुलिस ने फायरिंग और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। जब वांगचुक बोल रहे थे, उसी समय आंसू गैस के गोले दागे गए।

5. बीजेपी कार्यालयों पर हमला

प्रदर्शनकारियों ने बीजेपी मुख्यालय और हिल काउंसिल कार्यालय को निशाना बनाया, वाहनों में आग लगा दी और तोड़फोड़ की। बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने आरोप लगाया, “आज लद्दाख में कुछ प्रदर्शन को ‘जनरेशन Z’ द्वारा नेतृत्व किया गया दिखाने की कोशिश की गई, लेकिन असल में यह कांग्रेस का प्रदर्शन था।”

6. गृहमंत्रालय का बयान

गृह मंत्रालय ने कहा, “दिन में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं को छोड़कर, लद्दाख की स्थिति शाम 4 बजे तक नियंत्रण में आ गई।” मंत्रालय ने लोगों से अपील की कि “पुराने और भड़काऊ वीडियो” सोशल मीडिया पर न फैलाएं।

7. केंद्र की प्रतिबद्धता

सरकार ने कहा कि वह “लद्दाख की जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त संवैधानिक गारंटी देने के लिए प्रतिबद्ध है।” लद्दाखी संगठनों के साथ बातचीत जारी रहेगी। अगली हाई पावर्ड कमेटी की बैठक 6 अक्टूबर को होगी।

8. राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

सीपीआई (एम) ने बीजेपी पर धोखा देने का आरोप लगाया और कहा, “लोगों का गुस्सा सड़कों पर दिख रहा है, हालांकि पार्टी कार्यालयों पर हमला कोई समाधान नहीं है।”
सीपीआई (एमएल) लिबरेशन ने कहा कि सरकार “पूरी तरह जिम्मेदार” है, क्योंकि 2019 में अनुच्छेद 370 को हटाए जाने से हालात बिगड़े।

9. LAB और भूख हड़ताल की पृष्ठभूमि

लेह एपेक्स बॉडी और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस पिछले पांच साल से आंदोलन चला रहे हैं। वांगचुक ने 10 सितंबर को भूख हड़ताल शुरू की थी। LAB ने बुधवार का बंद इसलिए बुलाया क्योंकि दो भूख हड़तालियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।

10. व्यापक असर

यह अशांति लंबी बातचीत और अधूरी मांगों से उपजी गहरी नाराजगी को दिखाती है। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा, “लेह नगर की स्थिति इस बात की गवाही है कि जम्मू-कश्मीर के लोग राज्य का दर्जा न मिलने को लेकर किस कदर नाराज हैं।”

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Author: Suryodaya Samachar

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