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Mirzapur news :- बिजली कर्मचारियों का निजीकरण के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन

Mirzapur news :- [रिपोर्टर तारा त्रिपाठी] प्रदेश भर में बिजली कर्मचारियों ने निजीकरण के खिलाफ एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के आह्वान पर 4 फरवरी 2025 को राज्य के विभिन्न जिलों में कर्मचारियों ने सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। संघर्ष समिति ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि ट्रांजेक्शन कंसल्टेंट नियुक्त करने का टेंडर निरस्त नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

संविदा कर्मियों पर संकट

संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार बिजली विभाग के निजीकरण की तैयारी में लगी है, जिसके तहत संविदा कर्मियों को बड़ी संख्या में हटाया जा रहा है। संविदा का कांट्रेक्ट समाप्त होने पर 20% कर्मियों की छंटनी करने के आदेश पहले ही जारी किए जा चुके हैं, जिससे एक साल में करीब 40% संविदा कर्मचारी बेरोजगार हो जाएंगे। इससे हजारों परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा।

निजीकरण से हजारों पद समाप्त होंगे

संघर्ष समिति के अनुसार, निजीकरण के कारण पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम में लगभग 50,000 संविदा कर्मियों को हटाने की योजना है। इसके अलावा, यदि निजीकरण हुआ तो अन्य नियमित कर्मचारियों के 23,818 पद, जूनियर इंजीनियरों के 2,154 पद और अभियंताओं के 1,519 पद समाप्त कर दिए जाएंगे।

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जबरन सेवा निवृत्ति की योजना

संघर्ष समिति ने आरोप लगाया कि प्रबंधन नियमित कर्मचारियों, अभियंताओं और जूनियर इंजीनियरों को जबरन सेवा निवृत्त करने की योजना बना रहा है ताकि निजीकरण का रास्ता आसान हो सके। कर्मचारियों के बीच भय का माहौल बनाकर सरकार और प्रबंधन निजीकरण को लागू करना चाहते हैं, लेकिन संघर्ष समिति इसे किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देगी।

प्रदेशव्यापी विरोध प्रदर्शन

इस विरोध प्रदर्शन में मिर्जापुर, वाराणसी, आगरा, मेरठ, कानपुर, गोरखपुर, आजमगढ़, बस्ती, अलीगढ़, मथुरा, झांसी, बांदा, बरेली, देवीपाटन, अयोध्या, सहारनपुर, सुल्तानपुर, हरदुआगंज, पारीछा, जवाहरपुर, पनकी, हरदुआगंज, ओबरा, पिपरी और अनपरा सहित कई जिलों में हजारों बिजली कर्मचारियों ने भाग लिया।

संघर्ष समिति के प्रमुख नेताओं ई. दीपक सिंह, प्रदीप कुमार मौर्य, ई. बृजेश कुमार, ई. प्रमोद कुमार, सुरेश कुमार, राजेश कुमार गौतम, रमेश कुमार कनौजिया, संतोष कुमार और अनुराग अग्रवाल ने प्रदर्शन का नेतृत्व किया और कर्मचारियों को एकजुट रहने का आह्वान किया।

संघर्ष समिति ने सरकार को स्पष्ट संदेश दिया कि यदि उनकी मांगों को जल्द नहीं माना गया तो आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा, जिससे पूरे प्रदेश की बिजली व्यवस्था ठप हो सकती है।

Suryodaya Samachar
Author: Suryodaya Samachar

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