प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव [लखनऊ डेस्क] :- उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक सेवा के उच्च पदों पर बड़ा बदलाव देखने को मिला है। प्रदेश के दो आईपीएस समेत कुल 16 वरिष्ठ अधिकारियों को केंद्र सरकार ने सूचीबद्ध कर लिया है। यह सूचीबद्धता इन अधिकारियों के उत्कृष्ट कार्यों और प्रशासनिक क्षमताओं का प्रमाण मानी जा रही है।
महत्वपूर्ण नाम जो सूचीबद्ध हुए
केंद्र सरकार द्वारा सूचीबद्ध किए गए अधिकारियों में उत्तर प्रदेश के कई अनुभवी और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। इनमें एडीजी सुजीत पांडे और अशोक मुथा जैन का नाम प्रमुखता से सामने आया है। इसके अलावा संदीप राय राठौर, जीतेंद्र कुमार, नीरजा गोटरू राव, मानविंदर सिंह भाटिया, आरपी राव कोचे और जाकी अहमद जैसे अधिकारियों को भी केंद्र सरकार से सूचीबद्ध किया गया है।
गरिमा भटनागर और काला रामचंद्र भी सूची में शामिल हैं। वहीं, सुजीत पांडे के साथ-साथ आर मालाविजी और वी. के. चौबे को भी पैनल में जगह मिली है। इसके अलावा एम. एन. दिनेश, बी. बाला नागा देवी, एस. डेविडसन देवासीरवाथम और राजीव सिंह भी सूचीबद्ध किए गए हैं।
केंद्र सरकार द्वारा किसी भी अधिकारी को सूचीबद्ध किए जाने का अर्थ यह है कि उनकी सेवाओं को केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों और महत्वपूर्ण पदों पर इस्तेमाल किया जा सकता है। यह अधिकारी अब केंद्र सरकार की ओर से किसी भी मंत्रालय या विभाग में तैनात किए जा सकते हैं।
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सूचीबद्ध अधिकारियों को राष्ट्रीय स्तर पर सेवाएं देने का अवसर मिलता है, जिससे उन्हें प्रशासनिक अनुभव का विस्तार करने और राष्ट्रीय नीतियों के कार्यान्वयन में योगदान देने का अवसर प्राप्त होता है।
प्रशासनिक सुधारों की दिशा में कदम
उत्तर प्रदेश प्रशासन में यह सूचीबद्धता एक बड़ा बदलाव मानी जा रही है। राज्य सरकार और केंद्र सरकार के बीच प्रशासनिक सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से इन अधिकारियों को सूचीबद्ध किया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस सूचीबद्धता से राज्य के प्रशासनिक कार्यों में भी तेजी आएगी और अधिकारियों के अनुभव से केंद्र और राज्य, दोनों स्तरों पर बेहतर नीतियों का निर्माण संभव होगा।
आईपीएस अधिकारियों की भूमिका
आईपीएस अधिकारियों की सूचीबद्धता विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जाती है क्योंकि वे कानून-व्यवस्था को बनाए रखने और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों में शामिल होते हैं। अशोक मुथा जैन और सुजीत पांडे जैसे अधिकारियों का सूचीबद्ध होना इस बात का संकेत देता है कि केंद्र सरकार यूपी के वरिष्ठ अधिकारियों की कार्यक्षमता को मान्यता दे रही है।
भविष्य की संभावनाएं
सूचीबद्ध अधिकारियों के लिए यह एक सुनहरा अवसर है। वे अब केंद्र सरकार के तहत नई और चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारियां निभा सकते हैं। इसके अलावा, यह कदम आने वाले वर्षों में प्रशासनिक सेवाओं को और अधिक कुशल बनाने में मदद कर सकता है।
उत्तर प्रदेश के इन 16 अधिकारियों की केंद्र सरकार द्वारा सूचीबद्धता न केवल उनकी योग्यता को प्रमाणित करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि प्रदेश के प्रशासनिक अधिकारियों को राष्ट्रीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में शामिल किया जा रहा है। यह कदम राज्य और केंद्र सरकार के बीच समन्वय को मजबूत करेगा और देश के प्रशासनिक तंत्र को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायक होगा।

Author: Suryodaya Samachar
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