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उप्र के फ़र्रूख़ाबाद में जन्माष्टमी उत्सव देखने निकली दो बच्चियों की लाशें पेड़ पर लटकी मिलना, एक बेहद संवेदनशील घटना है।

Uttar Pradesh: भाजपा सरकार इस मामले में तत्काल निष्पक्ष जाँच करे और हत्या के इस संदिग्ध मामले में अपनी आख्या प्रस्तुत करे। ऐसी घटनाओं से समाज में एक भयावह वातावरण बनता है, जो नारी समाज को मानसिक रूप से बहुत गहरा आघात पहुँचाता है।

‘महिला सुरक्षा’ को राजनीति से ऊपर उठकर एक गंभीर मुद्दे के रूप में उठाने का अपरिहार्य समय आ गया है।मानव सभ्यता मे हत्या निंदनीय अपराध है विशेषतया यौन हिंसा मे महिलाओं की।
लेकिन सभी हत्याओ की जनता मे प्रतिक्रिया एक जैसी नहीं होती,क्योंकि मीडिया की प्रतिक्रिया एक जैसी नहीं होती,कारण मीडिया बताए या आप समझे।

अखिलेश_यादव सरकार में दो लड़कियों की दुर्भाग्यपूर्ण हत्या ने वैश्विक स्तर पर सरकार को कठघरे में खड़ा कर दिया था,उसके लिए मुख्यमंत्री व समाजवादी पार्टी की निगेटिव छवि बनाई गई थी,हालाँकि #सीबीआई जाँच मे तथ्य मीडिया रिपोर्टिंग से बिल्कुल अलग थे।लेकिन उस बनाई गई निगेटिव छवि का राजनीतिक लाभ तो अभी तक लेने के प्रयास होते ही है।यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रदेश में लड़कियों के साथ दुष्कर्म की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। सरकार को प्रभावी कदम उठाना चाहिए और अपराधियों को दंडित करने का और कारगर तरीका खोजना चाहिए।

पैरों में गोली लगने के बाद अपराधी लगड़ाते हुए जो पुलिस के कंधे का सहारा लेकर चलते हुए दिखाई पड़ते हैं, वह अच्छा नहीं लगता। उन्हें लाद कर ले जाना चाहिए। या फिर सरोवर आदि के पास वह भागने का प्रयास करें, यह सुनिश्चित करना होगा।यह घटना अत्यंत दुखद और संवेदनशील है। बच्चियों की मौत की गहन जांच होना चाहिए ताकि दोषियों को दंडित किया जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। महिला सुरक्षा और बाल अधिकारों को राजनीति से ऊपर उठकर प्राथमिकता दी जानी चाहिए। समाज में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है।

भाजपा टीएमसी पर लगा रही बे बुनियाद आरोप – टीएमसी नेता कुणाल घोष…..

Suryodaya Samachar
Author: Suryodaya Samachar

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